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आविष्कार: खुद को पिघलाकर आकार बदल लेता है अनोखा रोबोट, छोटी से छोटी जगह से निकलने में माहिर
Wed, 01 Feb 2023 06:00 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 01 Feb 2023 06:00 AM IST
सार
हांगकांग के वैज्ञानिकों का दावा है कि दुनिया में पहली बार ऐसा रोबोट बनकर तैयार हुआ है, जो अपना आकार बदलकर छोटी जगह से निकल सकता है।
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melting robot
- फोटो : twitter
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विस्तार
वैज्ञानिकों ने धातु की मदद से एक ऐसा माइक्रो रोबोट तैयार किया है, जो खुद को पिघलाकर अपना आकार बदलता है। यह बर्फी से भी छोटा आकार बनाकर किसी भी बंद जगह से आसानी से निकल सकता है और दोबारा अपने ठोस आकार में लौट सकता है। खास बात यह है कि आकार बदलने की प्रक्रिया से उसकी कार्य क्षमता में कोई कमी नहीं आती। आकार सामान्य होने के बाद वह नरम से सख्त भी हो सकता है।
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चीन, हांगकांग और अमेरिकी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने इसे माइक्रोबोट का नाम दिया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि परीक्षण के दौरान माइक्रोबोट ने 1 मिनट, 20 सेकंड में तरल रूप ले लिया था। हांगकांग के वैज्ञानिकों का दावा है कि दुनिया में पहली बार ऐसा रोबोट बनकर तैयार हुआ है, जो अपना आकार बदलकर छोटी जगह से निकल सकता है। इससे पहले कभी ऐसे रोबोट नहीं बने हैं। इसे बनाने की तकनीक समुद्री-खीरे को देखकर आई।
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शरीर के हर हिस्से में पहुंचा सकता है दवा
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये रोबोट नरम होने पर शरीर के किसी भी हिस्से में दवा पहुंचा सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर नरम रोबोट को कमजोर माना जाता है, लेकिन ये कमजोर नहीं है।
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तरल व ठोस में बदलने की प्रक्रिया बढ़ाती है क्षमता
इस रोबोट का फायदा भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक असेंबलिंग यूनिट्स और मेडिकल एप्लीकेशन में किया जा सकता है। चीन की यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के इंजीनियर चेंगफेंग पैन ने कहा कि रोबोट को तरल और ठोस में बदलने की प्रक्रिया उसकी क्षमताओं को बढ़ा देती है।
भविष्य में मिल सकता है लाभ
इंजीनियर ने कहा कि ऐसे रोबोट का फायदा हमें भविष्य में कई तरह से मिल सकता है। ये इंसानों के साथ मिलकर कई तरह नए टूल्स बना सकते हैं। उन्हें ठीक करने का काम कर सकते हैं। यह बिना स्क्रू जगह को भरकर उसे पैक कर सकता है।
ऐसे हुई निर्माण प्रक्रिया
इस रोबोट को बनाने के लिए गैलियम का इस्तेमाल किया। यह एक नरम धातु है जो 29.76 डिग्री सेल्सियस पर पिघल जाती है। वैज्ञानिकों ने गैलियम मैट्रिक्स को मैग्नेटिक पार्टिकल्स से मिला दिया।