केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी बोले-असली किसान खेत में काम कर रहे, विपक्ष पर भड़काने का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने दिल्ली में जारी किसान आंदोलन को लेकर कहा है कि प्रदर्शनकारी किसान असली किसान नहीं लगते। असली किसान तो खेत में काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह किसानों को भड़का रहा है। चौधरी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लिखित में दे सकती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बरकरार रखा जाएगा।
चौधरी ने आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर बयान में कहा, 'मुझे नहीं लगता ये असली किसान हैं। जो असली किसान हैं वे अपने खेत में काम कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि एमएसपी जारी रहेगी और हम इसे लिखित में भी दे सकते हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस और विपक्षी दल किसानों को भड़का रहे हैं। देश के किसान इन कानूनों के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक लोग आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
I have faith in PM Modi's leadership & farmers. I'm sure farmers will never make a decision that will cause unrest anywhere in the country. These laws have provided freedom to them. I don't think the real farmers, working in their farms, are bothered about it: MoS Agriculture https://t.co/pQnpzy8Uh9
— ANI (@ANI) December 6, 2020
किसानों से उम्मीद अशांति नहीं फैलने देंगे
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री चौधरी ने आगे कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी और किसानों में विश्वास है। मुझे विश्वास है कि किसान कोई ऐसा फैसला नहीं लेंगे, जिससे देश में अशांति का माहौल बने। इन कानूनों से किसानों को आजादी मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि असली किसान, जो अपने खेत में काम कर रहा है, वो इस आंदोलन को लेकर चिंतित है।
भारत बंद को कांग्रेस का समर्थन
उधर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस अपने हर ऑफिस में आठ दिसंबर को प्रदर्शन करेगी। इधर कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत बंद होने की वजह से देश को आर्थिक नुकसान होगा। चौधरी ने कहा कि कल जो बैठकें हुईं, उस पर किसानों के सुझाव पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने आगे कहा कि किसानों को यह सोचना चाहिए कि कैसे उनका राजनीतिकरण हो रहा है और लोगों को फुसलाया जा रहा है।