{"_id":"648b8de393233deb4d0a1683","slug":"union-minister-tomar-calls-on-countries-to-work-together-to-meet-challenges-in-agriculture-2023-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"G20 Meet: केंद्रीय मंत्री तोमर का आह्वान, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करें सभी देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
G20 Meet: केंद्रीय मंत्री तोमर का आह्वान, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करें सभी देश
Fri, 16 Jun 2023 03:47 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 16 Jun 2023 03:47 AM IST
सार
उद्घाटन के दिन आमंत्रित देशों और लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को सभी देशों से कृषि क्षेत्र में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।
कृषि मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जी-20 राष्ट्रों के साथ मिलकर काम करने का एक उपयोगी मंच होगा। मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में चुनौतियां केवल भारत की ही नहीं, बल्कि वैश्विक हैं। सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए। G20 जैसा समूह एक बहुत ही उपयोगी मंच है। उन्होंने कहा कि सभी देश मिलकर समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने में सफल होंगे।
खाद्य सुरक्षा पर जोर
उद्घाटन के दिन आमंत्रित देशों और लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जी-20 कृषि मंत्रियों की बैठक में विभिन्न सत्रों में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में सुधार पर ध्यान देने के साथ कृषि कार्य समूह के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा और पोषण शामिल हैं। बैठक टिकाऊ कृषि और जलवायु स्मार्ट दृष्टिकोण के साथ हरित और जलवायु अनुकूल कृषि के वित्तपोषण पर भी संबोधित करेगी।
विज्ञापन
प्रौद्योगिकी और निवेश को साझा करना शामिल
छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी और निवेश को साझा करना शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल पब्लिक गुड्स के रूप में मानकीकृत कृषि डेटा प्लेटफॉर्म पर जोर देने के साथ कृषि परिवर्तन के लिए डिजिटलीकरण पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में देश में कृषि क्षेत्र में कई नए आयाम स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ किसानों को मिला है। जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर फसल के पैटर्न में किसी भी तरह के भारी बदलाव की जरूरत पर उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) जलवायु के अनुकूल बीज बना रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर जी20 बैठक में भी चर्चा हो रही है।
विज्ञापन
कृषि मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जी-20 राष्ट्रों के साथ मिलकर काम करने का एक उपयोगी मंच होगा। मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में चुनौतियां केवल भारत की ही नहीं, बल्कि वैश्विक हैं। सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए। G20 जैसा समूह एक बहुत ही उपयोगी मंच है। उन्होंने कहा कि सभी देश मिलकर समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने में सफल होंगे।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा पर जोर
उद्घाटन के दिन आमंत्रित देशों और लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जी-20 कृषि मंत्रियों की बैठक में विभिन्न सत्रों में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में सुधार पर ध्यान देने के साथ कृषि कार्य समूह के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा और पोषण शामिल हैं। बैठक टिकाऊ कृषि और जलवायु स्मार्ट दृष्टिकोण के साथ हरित और जलवायु अनुकूल कृषि के वित्तपोषण पर भी संबोधित करेगी।
विज्ञापन
प्रौद्योगिकी और निवेश को साझा करना शामिल
छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी और निवेश को साझा करना शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल पब्लिक गुड्स के रूप में मानकीकृत कृषि डेटा प्लेटफॉर्म पर जोर देने के साथ कृषि परिवर्तन के लिए डिजिटलीकरण पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में देश में कृषि क्षेत्र में कई नए आयाम स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ किसानों को मिला है। जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर फसल के पैटर्न में किसी भी तरह के भारी बदलाव की जरूरत पर उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) जलवायु के अनुकूल बीज बना रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर जी20 बैठक में भी चर्चा हो रही है।