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Bengal: केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को 'लश्कर-ए-तैयबा' की चिट्ठी, NRC को लेकर दी धमकी
Mon, 08 Apr 2024 06:42 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
एन अर्जुन, अमर उजाला ब्यूरो
एन अर्जुन, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 08 Apr 2024 06:42 PM IST
सार
- पाकिस्तान में सक्रिय इस आतंकी संगठन के नाम से शांतनु को भेजा गया पत्र कथित तौर पर बांग्ला भाषा में लिखा गया है।
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केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को मिली लश्कर की कथित धमकी भरी चिट्ठी।
- फोटो : PTI/Representational
विस्तार
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा ने धमकी भरा खत भेजा है। खत में लिखा है कि अगर अगर बंगाल में एनआरसी हुआ तो मतुआ की ठाकुरबाड़ी को उड़ा दिया जाएगा। ठाकुरबारी के सभी सदस्यों को मार दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया है कि पत्र में तो यही लिखा है। शांतनु ने दावा किया कि पत्र उन्हें सोमवार दोपहर करीब 2 बजे डाक से मिला। केंद्रीय मंत्री ने इसे लेकर राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर भी हमला बोला है। हालांकि, तृणमूल ने कहा है कि शांतनु लोकसभा से पहले 'सहानुभूति वोट' पाने के लिए झूठ बोल रहे हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में सक्रिय इस आतंकी संगठन के नाम से शांतनु को भेजा गया पत्र कथित तौर पर बांग्ला भाषा में लिखा गया है। बंगाली में लिखे गए पत्र में लिखा है, शांतनुबाबू मुझे आशा है कि आप ठीक हैं। मैं आपको बता दूं कि अगर पश्चिम बंगाल में एनआरसी हुआ और एनआरसी के कारण मुसलमानों पर कोई अत्याचार हुआ तो पश्चिम बंगाल और पूरा भारत जल उठेगा। तुम्हारी ठाकुरबाड़ी उड़ा दी जाएगी। ठाकुरबाड़ी के किसी भी व्यक्ति को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। क्या आपने लश्कर-ए-तैयबा का नाम सुना है? हम लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं।
आतंकी संगठन के नाम से उन्हें भेजे गए धमकी भरे पत्र को खुद केंद्रीय मंत्री ने खुद ही सार्वजनिक किया। पत्र के मुताबिक, धमकी भरा पत्र उत्तर 24 परगना के देगंगा के हादीपुर गांव से भेजा गया है। पत्र नजरुल इस्लाम साहिब अली और फज्र अली नामक दो व्यक्तियों ने भेजा है।
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निवर्तमान केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद ने उग्रवादी संगठनों द्वारा धमकी भरे पत्र भेजे जाने को लेकर राज्य की तृणमूल सरकार पर हमला बोला है। शांतनु ने कहा, ''मैं इस राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार को सूचित करना चाहता हूं कि सोमवार को दोपहर 2:10 बजे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुझे एक धमकी भरा पत्र भेजा. वहां लिखा है, सीएए-एनआरसी पर कुछ भी ज्यादती की तो ठाकुरबाड़ी को उड़ा दिया जाएगा। मेरा परिवार भी ख़त्म हो जाएगा। बंगाल में अलोकतांत्रिक स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे उग्रवादी समूह तृणमूल के समर्थन से पोषित हो रहे हैं और हमें धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं गृहमंत्री को इसकी शिकायत करूंगा। मुजे मुझे इंसाफ चाहिए। यह घटना बंगाल के लिए बेहद शर्मनाक है।
पत्र की जांच होनी चाहिए: तृणमूल
दूसरी ओर, शांतनु के आरोपों को खारिज करते हुए तृणमूल की राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा, मुझे लगता है कि शांतनु ने खुद अपने लोगों के जरिए यह पत्र भिजवाया है। सीएए लागू हुए करीब एक महीना हो गया है। इतने दिनों तक कुछ नहीं हुआ. अब लोकसभा से पहले उन्होंने लोगों का सहानुभूति वोट पाने के लिए अपने ही लोगों के जरिए यह पत्र भेजा है। मुझे लगता है कि इस पत्र की जांच होनी चाहिए।
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गौरतलब है कि पाकिस्तान में सक्रिय इस आतंकी संगठन के नाम से शांतनु को भेजा गया पत्र कथित तौर पर बांग्ला भाषा में लिखा गया है। बंगाली में लिखे गए पत्र में लिखा है, शांतनुबाबू मुझे आशा है कि आप ठीक हैं। मैं आपको बता दूं कि अगर पश्चिम बंगाल में एनआरसी हुआ और एनआरसी के कारण मुसलमानों पर कोई अत्याचार हुआ तो पश्चिम बंगाल और पूरा भारत जल उठेगा। तुम्हारी ठाकुरबाड़ी उड़ा दी जाएगी। ठाकुरबाड़ी के किसी भी व्यक्ति को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। क्या आपने लश्कर-ए-तैयबा का नाम सुना है? हम लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं।
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आतंकी संगठन के नाम से उन्हें भेजे गए धमकी भरे पत्र को खुद केंद्रीय मंत्री ने खुद ही सार्वजनिक किया। पत्र के मुताबिक, धमकी भरा पत्र उत्तर 24 परगना के देगंगा के हादीपुर गांव से भेजा गया है। पत्र नजरुल इस्लाम साहिब अली और फज्र अली नामक दो व्यक्तियों ने भेजा है।
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निवर्तमान केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद ने उग्रवादी संगठनों द्वारा धमकी भरे पत्र भेजे जाने को लेकर राज्य की तृणमूल सरकार पर हमला बोला है। शांतनु ने कहा, ''मैं इस राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार को सूचित करना चाहता हूं कि सोमवार को दोपहर 2:10 बजे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुझे एक धमकी भरा पत्र भेजा. वहां लिखा है, सीएए-एनआरसी पर कुछ भी ज्यादती की तो ठाकुरबाड़ी को उड़ा दिया जाएगा। मेरा परिवार भी ख़त्म हो जाएगा। बंगाल में अलोकतांत्रिक स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे उग्रवादी समूह तृणमूल के समर्थन से पोषित हो रहे हैं और हमें धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं गृहमंत्री को इसकी शिकायत करूंगा। मुजे मुझे इंसाफ चाहिए। यह घटना बंगाल के लिए बेहद शर्मनाक है।
पत्र की जांच होनी चाहिए: तृणमूल
दूसरी ओर, शांतनु के आरोपों को खारिज करते हुए तृणमूल की राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा, मुझे लगता है कि शांतनु ने खुद अपने लोगों के जरिए यह पत्र भिजवाया है। सीएए लागू हुए करीब एक महीना हो गया है। इतने दिनों तक कुछ नहीं हुआ. अब लोकसभा से पहले उन्होंने लोगों का सहानुभूति वोट पाने के लिए अपने ही लोगों के जरिए यह पत्र भेजा है। मुझे लगता है कि इस पत्र की जांच होनी चाहिए।