BJP Vs Congress: केंद्रीय मंत्री सिंधिया का खरगे पर पलटवार, कहा- कांग्रेस के साथ भारत का बफरिंग युग खत्म
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने केंद्र सरकार पर डिजिटल इंडिया मिशन के बारे में झूठे दावे और अधूरे वादे करने का आरोप लगाया था। इसका केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाब दिया। वहीं पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने पर एक ब्लॉग साझा किया।
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विस्तार
डिजिटल इंडिया मिशन पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का बफरिंग युग कांग्रेस के शासन के साथ समाप्त हो गया है। देश अब पीएम मोदी के नेतृत्व में 5जी में स्थानांतरित हो गया है। खरगे ने केंद्र सरकार पर डिजिटल इंडिया मिशन के बारे में झूठे दावे और अधूरे वादे करने का आरोप लगाया था।
Bharat’s era of ‘buffering’ ended with the Congress. Under the Prime Minister, the nation shifted to 5G.
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) July 1, 2025
Thank you, Mr. @Kharge, for yet another opportunity to enlighten you. Each time you have questioned us in the past, we have responded with results. For years, while your… https://t.co/x4TgMX5UmF
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे आपको ज्ञान देने का एक और अवसर देने के लिए धन्यवाद। जब भी आपने अतीत में हमसे सवाल किए हैं, हमने परिणामों के साथ जवाब दिया है। वर्षों तक जबकि आपकी पार्टी ने डायल-अप वादे किए, हमने जमीनी स्तर पर और बड़े पैमाने पर एक विश्व स्तरीय दूरसंचार नेटवर्क, UPI, आधार और भारतनेट का निर्माण और वितरण किया।
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जन आंदोलन बन चुका है डिजिटल इंडिया
इससे पहले डिजिटल इंडिया मिशन की दसवीं वर्षगांठ पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन हैंडल पर डिजिटल इंडिया का एक दशक शीर्षक से एक ब्लॉग साझा किया। उन्होंने लिखा कि दस साल पहले, हमने एक ऐसे क्षेत्र में पूर्ण विश्वास के साथ ऐसी यात्रा शुरू की थी, जहां पहले कोई नहीं गया था। जहां दशकों तक यह संदेह किया गया कि भारतीय तकनीक का उपयोग कर पाएंगे या नहीं, हमने उस सोच को बदला और भारतीयों की तकनीक उपयोग करने की क्षमता पर विश्वास किया। जहां दशकों तक सिर्फ यह सोचा गया कि तकनीक का उपयोग अमीर और गरीब के बीच की खाई को और गहरा करेगा, हमने उस मानसिकता को बदला और तकनीक के माध्यम से उस खाई को खत्म किया।
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डिजिटल इंडिया की नींव बना-एक ऐसा मिशन, जो सभी के लिए पहुंच को लोकतांत्रिक (आसान) बनाने, समावेशी डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने और अवसरों को उपलब्ध कराने के लिए शुरू हुआ। वर्ष 2014 में, इंटरनेट की पहुंच सीमित थी, डिजिटल साक्षरता कम थी, और सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन पहुंच बेहद सीमित थी। कई लोगों को संदेह था कि भारत जैसा विशाल और विविध देश वास्तव में डिजिटल बन सकता है या नहीं। आज, इस प्रश्न का उत्तर डाटा और डैशबोर्ड में नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के जीवन के माध्यम से दिया जा चुका है। शासन से लेकर शिक्षा, लेन-देन व निर्माण तक, डिजिटल इंडिया हर जगह है।