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Manipur Violence: इंफाल में केंद्रीय मंत्री के घर को उपद्रवियों ने लगाई आग, पेट्रोल बम भी फेंके

Fri, 16 Jun 2023 08:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 16 Jun 2023 08:11 PM IST
सार

Imphal Fire Today :  विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि मैं इस समय आधिकारिक काम के लिए केरल में हूं। शुक्र है कि कल रात मेरे इंफाल स्थित घर में कोई घायल नहीं हुआ। बदमाश पेट्रोल बम लेकर आए थे।

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Manipur Violence: Union Minister Rakumar Ranjan Singh House Set on Fire in Imphal by Miscreants News in Hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना में केंद्रीय मंत्री के घर में आग लगा दी गई। मणिपुर सरकार की ओर से बताया गया कि भीड़ ने गुरुवार देर रात केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह के कोंगबा स्थित आवास में आग लगा दी। गनीमत रही कि केंद्रीय मंत्री घटना के समय घर पर नहीं थे। इससे पहले कुछ उपद्रवियों ने बुधवार को इंफाल पश्चिम के लाम्फेल क्षेत्र में एक मंत्री के घर को आग लगा दी थी। नेमचा किपगेन भाजपा और राज्य सरकार में मंत्री हैं। किपजेन 2017 से कांगपोकपी निर्वाचन क्षेत्र से मणिपुर विधानसभा की सदस्य हैं।

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  इंफाल शहर के बीचोंबीच गुरुवार दोपहर दो घरों को जलाए जाने और मणिपुर त्वरित प्रतिक्रिया बल (रैपिड एक्शन फोर्स ऑफ मणिपुर) और भीड़ के बीच झड़पों के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार देर रात शहर में घूमने वाली भीड़ की सुरक्षा बलों के साथ झड़प भी हुई।
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मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने अपने बयान में क्या कहा?
विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि मैं इस समय आधिकारिक काम के लिए केरल में हूं। शुक्र है कि कल रात मेरे इंफाल स्थित घर में कोई घायल नहीं हुआ। बदमाश पेट्रोल बम लेकर आए थे। मेरे घर के भूतल और पहली मंजिल को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे गृह राज्य में जो हो रहा है उसे देखकर बहुत दुख होता है। मैं अब भी शांति की अपील करता रहूंगा। इस तरह की हिंसा में लिप्त लोग बिल्कुल अमानवीय हैं।

उन्होंने कहा, मैं कोच्चि में हूं और अपने राज्य (मणिपुर) में नहीं हूं। मैंने बड़ी मेहनत से अपना घर बनाया था। मेरे घर पर हमला होने पर मुझे दुख है और अपने राज्य के नागरिकों द्वारा ऐसे रवैये की अपेक्षा नहीं की थी। राजकुमार रंजन सिंह आगे कहा, मुझे बताया गया कि घर में आग लगी थी लेकिन लोगों ने दमकल की गाड़ी वहां तक पहुंचने नहीं दी। ऐसा लगता है जैसे यह मेरे जीवन पर हमला है। यह दिखाता है कि मणिपुर में कानून-व्यवस्था खत्म हो चुकी है और मौजूदा सरकार शांति व्यवस्था बनाने में विफल रही है। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बता दिया है। 

गोदाम में लगाई आग
शुक्रवार की शाम को उपद्रवियों ने इंफाल पैलेस मैदान के पास एक वेयरहाउस में आग लगा दी। फायर ब्रिगेड और सुरक्षा बलों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और उपद्रवियों को भगाया। इस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और उपद्रवियों के बीच झड़पें भी हुईं। वेयरहाउस आदिवासी समुदाय के एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी का है।

17 उपद्रवी गिरफ्तार
पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के घर पर हमले और आगजनी के मामले में 17 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंत्री के परिवार का कोई सदस्य नहीं था। इसलिए जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना पाते ही आधिकारिक दौरे पर केरल गए आरके सिंह सारे कार्यक्रम रद्द कर मणिपुर लौट रहे हैं। उन्होंने घटना पर हैरानी जताई है। मणिपुर में उनकी ही पार्टी भाजपा की सरकार है।

सीआरपीएफ के डीजी की राज्यपाल से मुलाकात
सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से मणिपुर में शांति बहाली के लिए सभी कोशिशें की जा रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में तैनाती के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जा रहे हैं। हालात का जायजा लेने और केंद्रीय बलों के बेहतर उपयोग व समन्वय के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक एसएल थाओसेन को मणिपुर भेजा है। थाओसेन ने राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर उन्हें ताजा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्थानीय कमांडरों के साथ भी बैठक की है, ताकि प्रभावी परिणाम के लिए सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।

सेना के 80 कॉलम तैनात
मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए सेना समेत केंद्रीय बलों के 30,000 जवानों को तैनात किया गया है। इनमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आठ बटालियन, सेना के 80 कॉलम (एक कॉलम में लगभग 80-100 जवान होते हैं) और असम राइफल के 67 कॉलम शामिल हैं। सेना के दीमापुर स्थित 3 कोर ने कहा कि हालिया हिंसक घटनाओं के बाद सेना और असम राइफल्स ने गश्त तेज कर दी है।

बुधवार को गई थी नौ लोगों की जान
इससे पहले बुधवार को ही खामेनलोक इलाके के एक गांव में संदिग्ध उपद्रवियों के हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई थी और 10 अन्य घायल हो गए थे। इस दौरान तीन व्यक्ति लापता भी बताए जा रहे थे। यह क्षेत्र मेइती-बहुल इंफाल ईस्ट जिला और आदिवासी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमाओं से लगा हुआ है। इस बीच मणिपुर में इंटरनेट सेवाओं पर रोक की अवधि बढ़ा दी गई। अब राज्य में ब्रॉडबैंड सहित इंटरनेट निलंबन को 20 जून तक बढ़ा दिया गया है।


एक महीने से हालात ठीक नहीं
मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच करीब एक महीने पहले भड़की हिंसा में कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है और 310 अन्य घायल हुए हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। बता दें कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद पहली झड़प तीन मई को हुई थी।

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