Monkeypox: एमपॉक्स को लेकर एक्शन में सरकार, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तैयारियों और स्थिति की समीक्षा की
दुनिया भर में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। इस कड़ी में आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों और स्थिति की समीक्षा भी की है।
विस्तार
'स्वास्थ्य मंत्रालय सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध'
जेपी नड्डा ने अपने ट्वीट में आगे लिखा- भारत सरकार इस बीमारी के संभावित प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जेपी नड्डा की बैठक में लिए गए ये फैसलेReviewed the current situation and preparedness with senior officials of the Ministry following the World Health Organization's declaration of Mpox as a Public Health Emergency of International Concern.
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No cases of Mpox have been detected in India so far. The Government of India… pic.twitter.com/HApKLOP6fE — Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) August 17, 2024
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अत्यधिक सावधानी के तौर पर कुछ उपाय किए जाएं [जैसे सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और ग्राउंड क्रॉसिंग पर स्वास्थ्य इकाइयों को संवेदनशील बनाना; परीक्षण प्रयोगशालाओं को तैयार करना; किसी भी मामले का पता लगाने, उसे अलग करने और उसका प्रबंधन करने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करना]। बैठक में यह बात सामने आई कि मंकीपॉक्स का संक्रमण आमतौर पर 2-4 सप्ताह तक अपने आप ठीक हो जाता है और मरीज आमतौर पर सहायक प्रबंधन से ठीक हो जाते हैं।
डब्ल्यूएचओ ने पहले जुलाई 2022 में मंकीपॉक्स को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया था और बाद में मई 2023 में इसे रद्द कर दिया था। 2022 से वैश्विक स्तर पर, डब्ल्यूएचओ ने 116 देशों से मंकीपॉक्स के कारण 99,176 मामले और 208 मौतों की सूचना दी है।
बैठक में इन संस्थानों के विशेषज्ञ रहे मौजूद
एमपॉक्स की स्थिति की समीक्षा के लिए 16 अगस्त को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक की अध्यक्षता में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों से युक्त एक संयुक्त निगरानी समूह की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम केंद्र (एनवीबीडीसीपी), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीटीई.जीएचएस), केंद्र सरकार के अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स आदि के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
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