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दावा: 'हर महीने 1000-1500 करोड़ रुपये का राजस्व देगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे', बोले नितिन गडकरी

Sun, 19 Sep 2021 08:37 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 19 Sep 2021 08:37 PM IST
सार

गडकरी ने कहा कि अगले पांच साल में एनएचएआई की सालाना टोल आय बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। अभी यह 40,000 करोड़ रुपये के स्तर पर है।

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Union Minister Nitin Gadkari says Delhi-Mumbai Expressway to fetch Rs 1000 to 1500 cr revenues every month
नितिन गडकरी - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परिचालन में आने के बाद केंद्र को हर महीने 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये का पथकर (टोल) राजस्व देगा। इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे के 2023 में परिचालन में आने की उम्मीद है।
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गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ‘सोने की खान’ करार दिया। गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा के लिए हाल में एक लंबी यात्रा पूरी की है। उन्होंने रविवार को यहां कहा कि अगले पांच साल में एनएचएआई की सालाना टोल आय बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। अभी यह 40,000 करोड़ रुपये के स्तर पर है।
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलावा चार राज्यों से होकर गुजरेगा। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि देश का राष्ट्रीय राजमार्ग ढांचा विश्वस्तरीय सफलता की कहानी है। गडकरी ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘एक बार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परिचालन में आने और जनता के लिए खोले जाने के बाद केंद्र को हर महीने 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये का पथकर राजस्व देगा।’’
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एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च, 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसका निर्माण ‘भारतमाला परियोजना’ के पहले चरण के तहत किया जा रहा है। आठ लेन का यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात से होकर जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी से देश की वित्तीय राजधानी के बीच यात्रा का समय मौजूदा के 24 घंटे से घटकर आधा यानी 12 घंटे रह जाएगा।

इन चिंताओं के बीच कि एनएचएआई के ऊपर काफी ऊंचा कर्ज का बोझ है, गडकरी ने कहा कि नोडल एजेंसी को ‘ट्रिपल ए’ की रेटिंग मिली और उसकी सभी सड़क परियोजनाएं उत्पादक हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएआई कर्ज के जाल में नहीं है। यह एक सोने की खान है। अगले पांच साल में एनएचएआई की टोल आय सालाना 1.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। यह अभी 40,000 करोड़ रुपये है।

मार्च में विभाग से संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसद की स्थायी समिति ने एनएचएआई पर 97,115 करोड़ रुपये की कर देनदारी को लेकर चिंता जताई थी। हाल में मंत्री ने राज्यसभा को बताया था कि एनएचएआई का कुल कर्ज इस साल मार्च के अंत तक बढ़कर 3,06,704 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह मार्च, 2017 के अंत तक 74,742 करोड़ रुपये था।

अफगानिस्तान में और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर प्रधानमंत्री लेंगे फैसला : गडकरी

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को देखते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि युद्धग्रस्त देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को जारी रखने पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री लेंगे। साथ ही कहा कि पीएम अफगानिस्तान के हालात पर विदेशमंत्री के साथ विचार विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। 

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने यह भी कहा कि भारत अफगानिस्तान में बहुत सारे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को पूरा कर चुका है और कुछ पूरा होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमने वहां पर सलमा बांध बनाया है और जल संसाधन के क्षेत्र में किया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और विदेशमंत्री एस जयशंकर इसका फैसला लेंगे कि अफगानिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों में आगे निवेश करना है या नहीं।

मित्र देश होने के नाते, हमने अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों के साथ कुछ सड़कों के निर्माण पर चर्चा की थी...अच्छा हुआ कि हमने सड़कों का निर्माण शुरू नहीं किया...अब वहां स्थिति चिंताजनक है। भारत ने अफगानिस्तान में कल्याणकारी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों पर करीब तीन अरब डॉलर का निवेश किया है। 

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