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Politics: स्वाति मालीवाल मामले में शशि थरूर ने किया 'आप' का बचाव, केंद्रीय मंत्री पुरी बोले- शर्म आनी चाहिए

Wed, 22 May 2024 01:35 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 22 May 2024 01:35 PM IST
सार

स्वाति मालीवाल ने सीएम केजरीवाल के पीए बिभव के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पार्टी ने स्वाति के आरोपों को खारिज किया है। इसी मामले पर भाजपा और कांग्रेस में बहस छिड़ गई है। 

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Union Minister Hardeep Singh Puri vs Congress MP Shashi Tharoor, AAP On Swati Maliwal assault case
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी। - फोटो : एएनआई

विस्तार

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले को लेकर दिल्ली में जबरदस्त सियासत चल रही है। जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे भाजपा की साजिश बता रही है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नेता भी इस मामले को लेकर आप को घेरने में लगे हैं। अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के बीच इस मामले पर बहस छिड़ गई है। पुरी ने कांग्रेस नेता को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो कहते हैं कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। 
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रोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए मामले को हवा दी जा रही: शशि थरूर
दरअसल, शशि थरूर ने कहा कि देश में चल रहे कई अहम मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को हवा दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'इस मामले में आप ने एक बयान जारी किया है। मैं इस पर भरोसा करता हूं। इसमें बदलाव या कुछ और बोलने की जरूरत नहीं है। मुझे वास्तव में लगता है कि देश में चल रहे कई अहम मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को हवा दी जा रही है। हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि आम इंसानों के लिए क्या जरूरी है, न कि इन फालतू मुद्दों को तूल देना हैं।  भाजपा अक्सर मीडिया से अनुरोध करती है कि वह लोगों का ध्यान भटकाने के हथियार के रूप में काम करे।  मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि ऐसा न करें। सही मुद्दों से ध्यान भटकाना किसी के हितों की पूर्ति नहीं करता है।'
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थरूर ने आगे कहा, 'आप ने आधिकारिक बयान दिया है। मुझे इसमें कुछ भी जोड़ने की जरूरत नहीं दिखती। हमने उन्हें (स्वाति) को नियुक्त नहीं किया है। इसलिए, यदि वे जानते हैं, तो उन्हें केवल बोलने दीजिए। दूसरे, इस मुद्दे को बार-बार उठाकर भाजपा क्या चाहती है? यह देखने के लिए कि लोगों द्वारा महसूस किए गए देश की वास्तविकता बेरोजगारी, महंगाई पर चर्चा नहीं की जाती है। यह चुनाव देश के भविष्य का चुनाव है। हम 140 करोड़ भारतीयों के भविष्य के बारे में सोच रहे हैं। कानून को अपना काम करने दीजिए।'
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हरदीप सिंह पुरी का पलटवार
केंद्रीय मंत्री पुरी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'शशि थरूर से पूछिए कि उन्होंने कई विभागों में काम किया है और फिर भी वह इस मामले के महत्व को कम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति ये चीजें अब महत्वपूर्ण नहीं हैं। हम यहां क्या कर रहे हैं? आप कह रहे हैं कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। उन्हें शर्म आनी चाहिए जो कहते हैं कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। आज मुद्दा यह है कि आप अपनी 50 फीसदी आबादी के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।'

पुरी ने आगे कहा, 'केजरीवाल ने शराब घोटाले में 170 मोबाइल फोन नष्ट किए। ईडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके पास अरविंद केजरीवाल और एक हवाला ऑपरेटर के बीच सीधी बातचीत है।' 

वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'मुझे यह समझ नहीं आता कि यह कैसे जुड़ा है कि इंडी गठबंधन की सरकार बनेगी और केजरीवाल के जेल नहीं जाएंगे। यह दोनों बात आपस में कैसे जुड़ी है? वह जेल इसलिए गए क्योंकि उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था और उन्हें 21 दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी। यह सब भ्रम है।'

यह है मामला
एफआईआर में दर्ज बयान में स्वाति मालीवाल ने बताया कि वह 13 मई की सुबह करीब 9 बजे दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर कैंप कार्यालय के अंदर गईं थी। उन्होंने बिभव को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वह सीएम आवास के अंदर गईं और स्टाफ को उनके आने के बारे में सूचना सीएम को देने को कहा। उन्हें बताया गया कि सीएम घर पर हैं साथ ही ड्रॉइंग रूम में इंतजार करने को कहा गया। तभी बिभव कुमार वहां आकर बदतमीजी करने लगे।


उन्होंने आरोप लगाया कि इस बीच बिभव ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मदद के लिए आवाज लगाने पर भी कोई नहीं आया। लगातार मारपीट की गई। उन्होंने घटना की जानकारी देने के लिए 112 नंबर पर कॉल किया। आरोप है कि इस पर बिभव ने उन्हें धमकाया और वह चले गए। मौके पर पहुंचे पीसीआर स्टाफ की मदद से वह ऑटो से सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन पहुंचीं और एसएचओ को घटना की जानकारी दी। घटना का राजनीतिकरण ना हो इसके लिए वह बिना लिखित शिकायत दिए वहां से चली गईं। 16 मई को उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई।
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