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MHA Warning: गृह मंत्रालय की अधिकारियों को चेतावनी, लक्षद्वीप जाकर ज्वाइन करें नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
Sun, 22 May 2022 05:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 22 May 2022 05:17 PM IST
सार
कैट ने कहा कि यह कानून का तय प्रस्ताव है कि एक सरकारी कर्मचारी पोस्टिंग के स्थान पर रिपोर्ट न करके तबादला आदेश की अवज्ञा नहीं कर सकता है और फिर अपनी शिकायतों को व्यक्त करने के लिए अदालत में जा सकता है।
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गृह मंत्रालय
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लक्षद्वीप जाकर ज्वाइन ना करने पर दिल्ली सरकार के साथ काम कर रहे छह दानिक्स कैडर के अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी संदर्भ के अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि ये अधिकारी जाकर लक्षदीप में पोस्टिंग ज्वाइन करें नहीं तो उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
कैट ने दिया आदेश
इस मामले में नया आदेश 20 मई को तब आया जब चेयरपर्सन मंजुला दास की अध्यक्षता वाली केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की पीठ ने फैसला सुनाया। कैट की प्रधान पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह कानून का तय प्रस्ताव है कि एक सरकारी कर्मचारी पोस्टिंग के स्थान पर रिपोर्ट न करके तबादला आदेश की अवज्ञा नहीं कर सकता है और फिर अपनी शिकायतों को व्यक्त करने के लिए अदालत में जा सकता है। कैट की पीठ ने कहा कि यह कर्मचारी का कर्तव्य है कि वह पहले उस काम के लिए रिपोर्ट करे जहां उसका तबादला हुआ है। शीर्ष अदालत के विभिन्न निर्णयों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए आदेश में कहा गया है कि पोस्टिंग के स्थान पर रिपोर्ट नहीं करने और मुकदमेबाजी में लिप्त होने की प्रवृत्ति को सर्वोच्च न्यायालय ने भी गंभीरता से लिया है।
कैट ने आवेदकों की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि स्थानांतरण के लिए कोई कारण नहीं बताया जा रहा है। कैट ने आगे कहा कि हमारा विचार है कि स्थानांतरण आदेश में ही कारण बताना आवश्यक नहीं है।
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क्या है मामला
इस आदेश में दानिक्स अधिकारियों संदीप कुमार मिश्रा, श्रवण बगरिया, शैलेंद्र सिंह परिहार, सिंगरे रामचंद्र महादेव, नितिन कुमार जिंदल और राकेश कुमार को तुरंत केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) लक्षद्वीप प्रशासन को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। इससे पहले उन्हें पिछले साल नवंबर में तबादले का आदेश दिया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने कैट का रुख किया था। इसके बाद फरवरी में उन्हें फिर से उनकी नई पोस्टिंग पर ज्वाइन करने के लिए एक रिमाइंडर दिया गया, लेकिन इन अधिकारियों ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया।
गृह मंत्रालय ने दिया ये आदेश
20 मई को कैट के 23-पृष्ठ के आदेश के बाद गृह मंत्रालय ने अधिकारियों को 'स्टैंड रिलीविंग' के आदेश जारी किए हैं, इस आदेश में अधिकारियों को तुरंत यूटी लक्षद्वीप को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने उन्हें अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट की एक प्रति भी भेजने के लिए कहा है। इसके साथ ही मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसा ना करने पर नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई बिना किसी संदर्भ के शुरू की जाएगी।
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कैट ने दिया आदेश
इस मामले में नया आदेश 20 मई को तब आया जब चेयरपर्सन मंजुला दास की अध्यक्षता वाली केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की पीठ ने फैसला सुनाया। कैट की प्रधान पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह कानून का तय प्रस्ताव है कि एक सरकारी कर्मचारी पोस्टिंग के स्थान पर रिपोर्ट न करके तबादला आदेश की अवज्ञा नहीं कर सकता है और फिर अपनी शिकायतों को व्यक्त करने के लिए अदालत में जा सकता है। कैट की पीठ ने कहा कि यह कर्मचारी का कर्तव्य है कि वह पहले उस काम के लिए रिपोर्ट करे जहां उसका तबादला हुआ है। शीर्ष अदालत के विभिन्न निर्णयों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए आदेश में कहा गया है कि पोस्टिंग के स्थान पर रिपोर्ट नहीं करने और मुकदमेबाजी में लिप्त होने की प्रवृत्ति को सर्वोच्च न्यायालय ने भी गंभीरता से लिया है।
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कैट ने आवेदकों की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि स्थानांतरण के लिए कोई कारण नहीं बताया जा रहा है। कैट ने आगे कहा कि हमारा विचार है कि स्थानांतरण आदेश में ही कारण बताना आवश्यक नहीं है।
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क्या है मामला
इस आदेश में दानिक्स अधिकारियों संदीप कुमार मिश्रा, श्रवण बगरिया, शैलेंद्र सिंह परिहार, सिंगरे रामचंद्र महादेव, नितिन कुमार जिंदल और राकेश कुमार को तुरंत केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) लक्षद्वीप प्रशासन को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। इससे पहले उन्हें पिछले साल नवंबर में तबादले का आदेश दिया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने कैट का रुख किया था। इसके बाद फरवरी में उन्हें फिर से उनकी नई पोस्टिंग पर ज्वाइन करने के लिए एक रिमाइंडर दिया गया, लेकिन इन अधिकारियों ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया।
गृह मंत्रालय ने दिया ये आदेश
20 मई को कैट के 23-पृष्ठ के आदेश के बाद गृह मंत्रालय ने अधिकारियों को 'स्टैंड रिलीविंग' के आदेश जारी किए हैं, इस आदेश में अधिकारियों को तुरंत यूटी लक्षद्वीप को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने उन्हें अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट की एक प्रति भी भेजने के लिए कहा है। इसके साथ ही मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसा ना करने पर नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई बिना किसी संदर्भ के शुरू की जाएगी।