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MHA: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा, कट्टर विचारधारा वाले कैदियों को जेल में अलग रखा जाए

Fri, 13 Jan 2023 06:23 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 13 Jan 2023 06:23 AM IST
सार

गृह मंत्रालय ने यह सुझाव राज्यों को प्रभावी जेल प्रबंधन और जेल अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भेजे गए पत्र में कही है। मंत्रालय ने कहा कि आदर्श जेल मैनुअल, 2016 के दिशा-निर्देशों के तहत जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना है कि वह कैदियों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत करे।

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Union Home Ministry asks for prisoners with a radical ideology to be housed separately
केंद्रीय गृह मंत्रालय। - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा है कि कट्टर विचारधारा फैलाने वाले कैदियों को जेल में अन्य कैदियों से अलग बंद किया जाए। ऐसा दूसरे कैदियों के विचार को दूषित होने से बचाने के लिए करने को कहा गया है।

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गृह मंत्रालय ने यह सुझाव राज्यों को प्रभावी जेल प्रबंधन और जेल अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भेजे गए पत्र में कही है। मंत्रालय ने कहा कि आदर्श जेल मैनुअल, 2016 के दिशा-निर्देशों के तहत जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना है कि वह कैदियों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत करे।
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इसके तहत कैदियों को महिला, युवा, अंडर ट्रायल, दोषी, उच्च जोखिम वाले कैदी आदि की श्रेणी में विभाजित कर अलग-अलग रखा जाना है। कैदियों को सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना जरूरी है। मंत्रालय ने इसी के तहत कट्टर विचारधारा वाले कैदियों को अलग रखने का सुझाव दिया है। इनके अलावा नशे के कारोबार के आरोप में पकड़े गए या दोषी ठहराए कैदियों को भी अलग रखने के लिए कहा गया है। इन कैदियों को जहां तक संभव हो दूसरे कैदियों से मुलाकात नहीं करने देने की बात भी पत्र में कही गई है।
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सभी राज्य आदर्श जेल मैन्युअल लागू करने में तेजी लाएं
मंत्रालय ने कहा कि मई, 2016 में आदर्श जेल मैन्युअल सभी राज्यों को भेजे जाने के बाद भी कई राज्यों ने अब तक इसे स्वीकार करने की जानकारी नहीं दी है। ऐसे में जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों ने अबतक इसे अपने यहां लागू नहीं किया है उन्हें सलाह दी जाती है कि जेल सुधार के लिए इस मामले में तेजी लाएं और इसके लिए जरूरी कदम उठाएं।

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