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Hindi News ›   India News ›   Union Home Minister Amit Shah attends Pujya Purani Swami Smriti Mahotsav in Gujarat

Gujarat: 'आजादी के बाद भारत केंद्रित नहीं था दृष्टिकोण, अब आया बदलाव', अहमदाबाद में बोले गृह मंत्री शाह

Sat, 30 Dec 2023 02:01 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 30 Dec 2023 02:01 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अहमदाबाद में श्रीस्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्या प्रतिष्ठानम् (एसजीवीपी) की तरफ से आयोजित पूज्य पुराणी स्वामी स्मृति महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि इस गुरुकुल ने कई सद्प्रवृत्तियों में अपना योगदान दिया है।

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Union Home Minister Amit Shah attends Pujya Purani Swami Smriti Mahotsav in Gujarat
Amit Shah - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले तक जो लोग देश से प्यार करते थे, आजादी की अहमियत समझते थे और भारत शब्द के प्रति सम्मान रखते थे, उन्हें काफी दुख होता था कि देश तो आजाद हो गया लेकिन उसका नजरिया भारत केंद्रित न होकर कुछ और था। फिर, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला और दृष्टिकोण भारत केंद्रित हो पाया।

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देश को गुलाम मानसिकता से बाहर लाने के प्रयासों के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आत्मा को जगाने का काम किया है। केंद्रीय गृह मंत्री शनिवार को अहमदाबाद में श्रीस्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्या प्रतिष्ठानम् (एसजीवीपी) की तरफ से आयोजित पूज्य पुराणी स्वामी स्मृति महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस गुरुकुल ने कई सद्प्रवृत्तियों में अपना योगदान दिया है। शाह ने कहा, जब तक व्यक्ति निर्माण अच्छे से नहीं होता, तब तक राष्ट्र निर्माण नहीं हो सकता है और व्यक्ति निर्माण की परंपरा को इस गुरुकुल ने बहुत अच्छे से आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि एक बच्चा जो यहां आता है, वो देशभक्त और विद्वान नागरिक बनकर समाज में लौटता है। उन्होंने बताया कि जब मोदीजी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उनका आग्रह रहता था कि सारे विधायकों को वर्ष में तीन दिन अपनी पार्टी के सिद्धांत, कार्यसंस्कृति और उसे आगे ले जाने पर चिंतन करना चाहिए।
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दृढ़संकल्प के साथ बढ़ रहा देश
2004 से 2014 तक भारत निराशा में डूबा था और असहाय सा दिखता था, वहीं अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 10 सालों के दौरान विश्व में सर्वप्रथम बनने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। - अमित शाह, गृह मंत्री
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राम मंदिर निर्माण और अमृतकाल का आरंभ स्वर्णिम समय का संकेत
गृह मंत्री ने इस मौके पर कहा, हम पिछले 550 सालों से भगवान श्रीराम के पवित्र जन्मस्थान का पुनर्निर्माण नहीं कर पा रहे थे। लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों से अब रामलला 22 जनवरी को अपने घर में फिर से विराजमान होंगे। उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण और भारत के अमृतकाल की शुरुआत, इस बात का संकेत है कि यह भारत का स्वर्णिम समय है और अगले 25 साल में हमारा देश विश्व में सर्वप्रथम बनने जा रहा है। धर्मस्थलों का कायाकल्प एक शुभ संकेत : उन्होंने कहा कि सिर्फ अयोध्या ही नहीं, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पुनर्निमित हुआ, उज्जैन में महाकाल लोक बना है, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, सोमनाथ के मंदिर को फिर से एक बार सोने का बनाने की शुरुआत हो चुकी है और गुजरात के पावागढ़ पर सालों बाद फिर से शक्तिपीठ की स्थापना भी होगी, यह शुरुआत एक शुभ संकेत है।

2047 में भारत सबसे आगे होगा
उन्होंने कहा कि आध्यात्म से आयुर्वेद तक, सोशल साइंस से सोलर पावर तक, गणित से लेकर मेटावर्स तक और शून्य से अंतरिक्ष तक, आज पूरे विश्व में हर जगह भारत का दबदबा है। आजादी के 75 साल पूरे हो चुके हैं और 2047 में जब 100 साल होंगे, तब विश्व में हर क्षेत्र में भारत सर्वप्रथम होगा।

नई शिक्षा से बच्चे बाबू नहीं बनेंगे
शाह ने कहा, हमारी नई शिक्षा नीति चिरपुरातन शिक्षा परंपरा से प्रेरणा लेकर बनी है। नई शिक्षा नीति से पढ़े-लिखे बच्चे, भारतीय युवा बाबू नहीं बनेंगे, बल्कि भारतीय बनेंगे और महान भारत की रचना का स्वप्न साकार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में भारत दुनिया में 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था थी, आज पांचवें नंबर पर है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2027 तक दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी।


स्वामीनारायण संप्रदाय के योगदान को सराहा
शाह ने कहा गुलामी के कालखंड में भक्ति के माध्यम से सनातन से जुड़े रहना, व्यसनमुक्ति, शिक्षा और परिवार को एक रखने की गतिविधियों से स्वामीनारायण संप्रदाय ने कई लोगों के जीवन में दीप जलाने का काम किया है। साथ ही जोड़ा कि स्वामीनारायण संप्रदाय के अलग-अलग संस्थानों के गुरुकुल अगर गुजरात में काम ना कर रहे होते तो राज्य का सर्वशिक्षा अभियान अधूरा रह जाता।

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