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अलर्ट: केंद्र का राज्यों को निर्देश, ब्लैक फंगस को घोषित करें महामारी

Thu, 20 May 2021 03:57 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 20 May 2021 03:57 PM IST
सार

पूरी दुनिया इस वक्त महामारी की चपेट में है, लेकिन भारत सिर्फ कोरोना से नहीं बल्कि अन्य महामारियों का भी सामना कर रहा है। कोरोना के बाद ब्लैक और व्हाइट फंगस जैसी बीमारी ने चिंता बढ़ा कर रख दी है । 

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Union Health Ministry urged states to declare black fungus an epidemic
ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी की मार से भारतीय लोग पहले से ही जूझ रहे हैं, इस बीच एक और बीमारी ने दस्तक देकर मुसीबतें बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत देशभर के कई राज्यों में ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) कहर बनकर टूट रहा है। इन राज्यों में ब्लैक फंगस के केस काफी तेजी से बढ़ रहे है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत म्यूकोर्मिकोसिस को महामारी घोषित करने की अपील की है। साथ ही इससे निपटने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में सभी सुविधाएं मजबूत करने को कहा है। तेलंगाना और राजस्थान ने तो इसे महामारी घोषित कर दिया है। जबकि हरियाणा और तमिलनाडु ने इसे अधिसूचित रोग घोषित किया है।

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ब्लैक फंगस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर फॉर्मा कंपनियों को दवा बनाने की इजाजत मांगी है। आईएमए का कहना है कि देशभर में ब्लैक फंगस का इंफेक्शन जिस तरह पैर पसार रहा है, वह आने वाले समय के लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।  
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जानलेवा है ब्लैक फंगस
दरअसल, यह फंगस इतना खतरनाक है कि इससे इंसान की आंखों की रोशनी तो खत्म हो ही सकती है, जान भी जान सकती है। पिछले साल दिसंबर में सबसे पहले दिल्ली में इसके केस सामने आए, फिर अहमदाबाद, राजस्थान, पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में इसके मामले मिलते गए। 
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ब्लैक फंगस के क्या है लक्षण
शरीर में अगर इंफेक्शन हैं तो चेहरे का एक तरफ से सूज जाना, सिरदर्द होना, नाक बंद होना, उल्टी आना, बुखार आना, चेस्ट पेन होना, साइनस कंजेशन, मुंह के ऊपर हिस्से या नाक में काले घाव होना, जो बहुत ही तेजी से गंभीर हो जाते हैं। सबसे ज्यादा ये इंफेक्शन उन लोगों को होता है जो डायबिटिक, कैंसर और लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे हैं। एक शोध में इसका खुलासा हुआ कि अगर किसी हाई डायबिटिक मरीज को कोरोना हो जाता है तो उसका इम्यून सिस्टम और ज्यादा कमजोर हो जाता है। ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन फैलने की आशंका और ज्यादा हो जाती है।

ब्लैक फंगस के साथ व्हाइट फंगस ने बढ़ाईं चिंता
ब्लैक फंगस के बीच व्हाइट फंगस के मामले भी सामने आने लगे हैं। बिहार की राजधानी पटना में व्हाइट फंगस के 4 मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यह ब्लैक फंगस से भी ज्यादा घातक है और फेफड़ों के संक्रमण का मुख्य कारण है। साथ ही, यह फंगस इंसान के त्वचा, नाखून, मुंह के अंदरूनी हिस्से, आमाशय, आंत, किडनी, गुप्तांग और दिमाग पर भी बेहद बुरा असर डालता है।

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