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तब्लीगी जमात पर सवाल: केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन बोले, बार-बार चर्चा करने से दुख होता है

Sun, 24 May 2020 09:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 24 May 2020 09:43 PM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्वषर्धन ने कहा है कि देश में लॉकडाउन सही समय पर लगाया गया था और इसके सराकात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से जंग में भारत की स्थिति बाकी देशों की तुलना में काफी बेहतर है। 

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Union Health Minister Dr Harsh vardhan says Lockdown in India was like a potential social vaccine it was imposed at right time
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आज कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने का फैसला सही समय पर लिया गया था। कुछ देशों में तो लॉकडाउन लगाने का फैसला तब लिया गया जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कई देशों में आंशिक लॉकडाउन ही लगाया गया। वहीं, तब्लीगी जमात की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बार-बार चर्चा करने से कष्ट होता है। लेकिन इससे अचानक मामले बढ़े थे।

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देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा, ' दूसरे विकसित देशों ने यह फैसला लेने में कई दिन बर्बाद कर दिए। अगर लॉकडाउन से पहले भारत में कोरोना के मामलों के दोगुने होने का समय 3.4 दिन था तो अब यह समय बढ़कर 13 दिन से भी ज्यादा हो गया है। लॉकडाउन और इसके दिशा-निर्देशों ने एक प्रभावी सोशल वैक्सीन की तरह काम किया है।'
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तब्लीगी जमात की घटना पर बहुत बहस हो चुकी : हर्षवर्धन

वहीं, भाजपा सांसद और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव द्वारा यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या तब्लीगी जमात की घटना ने देश में कोरोना की स्थिति को बिगाड़ दिया, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब इस मुद्दे पर बहुत बहस हो चुकी है। बार-बार इस मुद्दे पर चर्चा करने से तकलीफ होती है। 


केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'ये बात पुरानी हो चुकी है। इस पर चर्चा भी बहुत हुई है, विश्लेषण भी बहुत हुआ है। बार-बार इस विषय को उठाने से तकलीफ भी होती है। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि मार्च के दूसरे सप्ताह के आस पास जब दुनिया में तेजी से संक्रण हो रहा था और भारत में पहला केस आने के बाद करीब डेढ़ महीना बीत चुका था। तब भी हमारे यहा मामलों की संख्या मामूली थी। उस समय ये दुखद घटना हुई।'
 



उन्होंने कहा कि जहां ये घटना हुई वहां सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं थी। दिल्ली में ऐसी स्थिति थी कि शायद 10-15 से ज्यादा लोग एक साथ नहीं आ सकते थे। उस समय दूसरे देशों ने आने वाले लोग की बीमारी साथ ला रहे थे। बिना जानकारी के हजारों लोग साथ रह रहे थे। जब जानकारी मिली तब उन्हें वहां से हटाया गया। इसके कारण देश के हर प्रांत में अचानक मामले बढ़े। उस समय देश को बड़ा झटका लगा था। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, लेकिन अभी इसकी चर्चा करने की जरूरत नहीं है। वो दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। हमने गंभीरता से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की स्थिति नियंत्रित की। लेकिन, देश के सभी वर्गों के लिए ये सीख है कि जब देश मिलकर कोई फैसला करता है तो उसके नियमों और अनुशासन का सबको पालन करना चाहिए। ये सभी की बेहतरी के लिए ही किया जाताहै। स्वास्थ्य के लिए भी और समाज की सुरक्षा के लिए भी। 

 

बता दें कि आज ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में लॉकडाउन अचानक से लागू कर दिया गया और अब इसे तुरंत हटाया नहीं जा सकता है। वहीं, कई राज्यों में लॉकडाउन में अतिरिक्त छूट दे दी है जिसे लेकर गृह मंत्रालय ने चिंता जताते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन कराया जाए। 

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