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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अधिसूचना के लिये राष्ट्रपति को भेजीं लोकसभा चुनाव की तारीखें
Wed, 13 Mar 2019 02:51 PM IST
Priyesh Mishra
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 13 Mar 2019 02:51 PM IST
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कैबिनेट बैठक (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
सरकार ने निर्वाचन आयोग की सिफारिश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजकर सात चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव की तारीखों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी। पहली अधिसूचना 18 मार्च को जारी होगी। लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न चरणों में होने वाले चुनाव के लिये अधिसूचनाओं पर राष्ट्रपति की मंजूरी की सिफारिश की गयी। निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 10 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी और लोकसभा चुनाव की तारीखों को अधिसूचित करने के लिये कानून मंत्रालय को अनिवार्य सिफारिश भेजी थी।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 के अनुसार निर्वाचन आयोग सरकार को अपनी सिफारिश भेजता है और सरकार राष्ट्रपति से चुनाव की तारीखों की अधिसूचना पर मंजूरी देने का अनुरोध करती है।
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चुनाव आयोग की सिफारिशों के आधार पर कानून मंत्रालय केंद्रीय मंत्रिमंडल के लिये प्रस्ताव तैयार करता है, जो विभिन्न चरणों में होने वाले चुनावों के लिये राष्ट्रपति से अधिसूचना की मंजूरी की सिफारिश करता है।
आयोग की सिफारिश में सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी के साथ मतदान की तारीखों और अधिसूचना कब जारी की गयी है, इसकी जानकारी होती है। अधिसूचना जारी होते ही 17वीं लोकसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 के अनुसार, ‘‘... भारत के राजपत्र पर एक या इससे अधिक अधिसूचना प्रकाशित कर राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग द्वारा सिफारिश की गयी तिथि या तिथियों पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा के सदस्यों को निर्वाचित करने का आह्वान करेंगे...।’’
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न चरणों में होने वाले चुनाव के लिये अधिसूचनाओं पर राष्ट्रपति की मंजूरी की सिफारिश की गयी। निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 10 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी और लोकसभा चुनाव की तारीखों को अधिसूचित करने के लिये कानून मंत्रालय को अनिवार्य सिफारिश भेजी थी।
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जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 के अनुसार निर्वाचन आयोग सरकार को अपनी सिफारिश भेजता है और सरकार राष्ट्रपति से चुनाव की तारीखों की अधिसूचना पर मंजूरी देने का अनुरोध करती है।
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चुनाव आयोग की सिफारिशों के आधार पर कानून मंत्रालय केंद्रीय मंत्रिमंडल के लिये प्रस्ताव तैयार करता है, जो विभिन्न चरणों में होने वाले चुनावों के लिये राष्ट्रपति से अधिसूचना की मंजूरी की सिफारिश करता है।
आयोग की सिफारिश में सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी के साथ मतदान की तारीखों और अधिसूचना कब जारी की गयी है, इसकी जानकारी होती है। अधिसूचना जारी होते ही 17वीं लोकसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 के अनुसार, ‘‘... भारत के राजपत्र पर एक या इससे अधिक अधिसूचना प्रकाशित कर राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग द्वारा सिफारिश की गयी तिथि या तिथियों पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा के सदस्यों को निर्वाचित करने का आह्वान करेंगे...।’’