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वित्त मंत्री का एलान: भारत करेगा 'ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन' की मेजबानी, 95 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
Sun, 01 Feb 2026 05:05 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 01 Feb 2026 05:05 PM IST
सार
भारत इस साल 'ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन' की मेजबानी करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में इसका एलान किया। उन्होंने बताया, इस सम्मेलन में 95 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : ANI
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026-27 पेश करते हुए वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत इस साल पहली बार 'ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन' की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में दुनिया के 95 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और मंत्री शामिल होंगे। सभी नेता मिलकर बाघ, शेर और तेंदुए जैसी बड़ी बिल्लियों को बचाने के लिए साझा रणनीति तैयार करेंगे।
वन्यजीवों को बचाने कि दिशा में महत्वपूर्ण कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन वन्यजीवों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। पिछले साल 'अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस' की शुरुआत हुई थी। इसका मकसद उन देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है जहां बाघ, शेर, तेंदुए, हिम तेंदुए, चीता और जगुआर जैसी प्रजातियां पाई जाती हैं। भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा जंगली बाघ रहते हैं। प्रोजेक्ट टाइगर और चीतों के पुनर्प्रवेश जैसी पहलों के माध्यम से बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह घोषणा वन्यजीव संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए भारत के प्रयासों को और मजबूत करती है।
ये भी पढ़ें: nion Budget: 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' को जोड़ने के लिए समिति गठित होगी, विकास पर रहेगा फोकस
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विकसित किए जाएंगे पर्यटन मार्ग
बजट में सरकार ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरकु घाटी और पश्चिमी घाट में खास पहाड़ी रास्ते (पर्वतीय पगडंडियां) विकसित करने की भी घोषणा की है। ये रास्ते प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के प्रजनन वाले प्रमुख स्थलों को पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे कछुओं का संरक्षण भी होगा और पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा।
अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने केवल बयानबाजी के बजाय ठोस सुधारों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर दिया कि दुनिया भर में व्यापारिक दिक्कतों और तनाव के बावजूद सरकार का पूरा ध्यान जनता की भलाई पर है।
अन्य वीडियो-
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वन्यजीवों को बचाने कि दिशा में महत्वपूर्ण कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन वन्यजीवों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। पिछले साल 'अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस' की शुरुआत हुई थी। इसका मकसद उन देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है जहां बाघ, शेर, तेंदुए, हिम तेंदुए, चीता और जगुआर जैसी प्रजातियां पाई जाती हैं। भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा जंगली बाघ रहते हैं। प्रोजेक्ट टाइगर और चीतों के पुनर्प्रवेश जैसी पहलों के माध्यम से बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह घोषणा वन्यजीव संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए भारत के प्रयासों को और मजबूत करती है।
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विकसित किए जाएंगे पर्यटन मार्ग
बजट में सरकार ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरकु घाटी और पश्चिमी घाट में खास पहाड़ी रास्ते (पर्वतीय पगडंडियां) विकसित करने की भी घोषणा की है। ये रास्ते प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के प्रजनन वाले प्रमुख स्थलों को पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे कछुओं का संरक्षण भी होगा और पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा।
अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने केवल बयानबाजी के बजाय ठोस सुधारों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर दिया कि दुनिया भर में व्यापारिक दिक्कतों और तनाव के बावजूद सरकार का पूरा ध्यान जनता की भलाई पर है।
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