बजट: कांग्रेस का वित्त मंत्री पर निशाना, कहा- जीडीपी की रिकॉर्ड गिरावट का उल्लेख नहीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सोमवार को देश का आम बजट पेश किया। वहीं देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे लेकर उनपर निशाना साधा है। कांग्रेस ने बजट 2020-21 पेश किए जाने के बाद सोमवार को दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 37 महीनों की रिकॉर्ड गिरावट का उल्लेख नहीं है और इसमें अर्थव्यवस्था को गति देने पर ध्यान नहीं दिया गया।
पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, 'वित्त मंत्री के भाषण में इसका कोई जिक्र ही नहीं हुआ कि जीडीपी में 37 महीनों की रिकॉर्ड गिरावट है। 1991 के बाद से यह सबसे बड़ा संकट है।' उन्होंने दावा किया कि देश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचने के अलावा बजट में कोई मुख्य ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य बात यह है कि अर्थव्यवस्था को आगे नहीं बढ़ाओ, सिर्फ देश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचो।
FM’s Talkthorn oblivious that growth rate of GDP is in a record 37th month decline.Worst Crisis since 1991.
— Manish Tewari (@ManishTewari) February 1, 2021
Except for a National Monetisation Plan - short hand for National Sell out no Central Focus in Budget.
Bottom line-Will not grow economy but sell the family silver.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश किया। इसमें सरकार ने देश में बुनियादी अवसंरचना के सृजन के जरिए आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये वित्त वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से वित्त वर्ष 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कोरोना के टीकाकरण अभियान के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इससे पहले, उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि यह 1991 के बाद का सबसे महत्वपूर्ण बजट है क्योंकि जीडीपी में अब लगभग तीन साल से गिरावट आ रही है और उम्मीद है कि वित्त मंत्री ने समय की गंभीरता का एहसास किया होगा।
काला गाउन पहनकर संसद पहुंचे कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल और गुरजीत सिंह औजला सोमवार को काले रंग का गाउन पहनकर संसद पहुंचे। यह गाउन उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए पहना था।