फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Budget 2021 Finance minister nirmala sitharaman announces 3768 crore for digital census

Union Budget 2021: भारत के इतिहास में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना, वित्त मंत्री ने 3,768 करोड़ रुपये किए आवंटित

Mon, 01 Feb 2021 04:11 PM IST
सोनू शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 01 Feb 2021 04:11 PM IST
विज्ञापन
Union Budget 2021 Finance minister nirmala sitharaman announces 3768 crore for digital census
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए कई घोषणाएं कीं, जिसमें डिजिटल जनगणना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अब देश में डिजिटल जनगणना होगी और इसके लिए 3,768 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारत के इतिहास में यह पहली डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद पहल पर भी काम कर रही है। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि 2021 की जनगणना मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी, जिससे हमें कागज से डिजिटल जनगणना की तरफ जाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन


अमित शाह ने कहा था कि डिजिटल जनगणना इसलिए की जाएगी, ताकि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दिया जा सके। शाह ने यह भी कहा था कि 2021 की जनगणना पर केंद्र द्वारा 12,000 करोड़ रुपये खर्च करने की संभावना है। उन्होंने बताया था कि जनगणना के आंकड़ों को एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से इकट्ठा किया जाएगा। यह एप्लीकेशन 16 भाषाओं में तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि इस मोबाइल ऐप पर लोग खुद का और परिवार के बारे में जानकारियां अपलोड कर सकेंगे। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने द्वीट किया है, 'देश के पहले पेपरलेस बजट में डिजिटल जनगणना की भी घोषणा की गई है। इससे किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश नहीं होगी और देश के सामने सही तथ्य सामने आएंगे।' 
विज्ञापन
विज्ञापन




साल 2011 में जो जनगणना हुई थी, उसके मुताबिक देश की कुल आबादी 121 करोड़ थी। सरकार ने घोषणा की थी कि अगली जनगणना एक मार्च 2021 से शुरू होगी। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी किया था और कहा था कि यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 3 के तहत लिया गया है। 

पहली बार कब हुई थी जनगणना? 

देश की आजादी के बाद पहली बार साल 1951 में जनगणना हुई थी और इसके बाद हर 10 साल के अंतराल पर जनगणना होती है। जनगणना में सिर्फ लोगों की ही गिनती नहीं होती बल्कि इसके जरिए लोगों की शिक्षा, उनकी आर्थिक स्थिति, जन्म और मृत्यु दर जैसे कई पैमानों पर जनगणना की जाती है। इसमें समय और पैसा दोनों ही बहुत खर्च होते हैं, लेकिन डिजिटल जनगणना से इसमें काफी बचत होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed