'भारतीय समाज गोरे रंग के पीछे पागल है'
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हाल ही में अपनी फिल्म अनइंडियन के लिए एक बातचीत में अभिनेता बने पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने कहा था, "ऑस्ट्रेलिया में रंगभेद नहीं है, यहां सभी संस्कृति और रंग के लोगों का स्वागत है।"
इस फिल्म में उनके साथ काम कर रही भारतीय अदाकारा तनिष्ठा का कहना है, "भारतीय समाज गोरे रंग के पीछे पागल है और कमर्शियल सिनेमा उसी भावना को हवा दे रहा है।"
वो कहती हैं, "हमारे यहां काजोल, रानी मुखर्जी, बिपाशा बासु, स्मिता पाटिल जैसे बड़े स्टार रहे हैं जो गोरे नहीं थे। लेकिन फिर भी हम (साँवले) लोगों को अलग तरह की लड़ाइयां लड़नी पड़ती हैं सिर्फ यहां नहीं पूरी दुनिया में।"
तनिष्ठा ‘अनइंडियन’ नाम से बन रही इस इंडो-ऑस्ट्रेलियन फिल्म में मीरा नाम की लड़की का किरदार निभा रही हैं जो मॉडर्न ख्यालों वाली स्वतंत्र महिला हैं और हर मामले में महिलाओं के अधिकारों की बात करती हैं।
'आगे बढ़ने के लिए हर औरत को अपने हिस्से की जंग लड़नी पड़ती है'
तनिष्ठा कहती हैं, "हाल ही में इस बात की चर्चा थी कि हॉलीवुड मेल डॉमिनेटेड इंडस्ट्री है। ठीक इसी तरह बॉलीवुड भी ज्यादातर मेल डॉमिनेटेड इंडस्ट्री है। लेकिन अब धीरे-धीरे हमारे देश और दुनिया में औरत की आजादी और पुरुषों के साथ बराबरी को लेकर बदलाव आ रहे हैं। हालांकि अब भी ये रास्ता काफी लंबा है लेकिन हम आगे बढ़ रहें है।"
तनिष्ठा मानती हैं कि आगे बढ़ने के लिए हर औरत को अपने हिस्से की जंग लड़नी पड़ती है लेकिन ऐसी परिस्थितियों में मर्द और औरत नहीं, एक इंसान के तौर पर सोचना चाहिए।
ब्रेट ली के साथ फिल्म में किए एक अंतरंग दृश्य पर भारतीय सेंसर की आपत्ति पर हंसते हुए वो कहती हैं, "दुनिया भर में सेंसरशिप के इतिहास को देखकर लगता है कि जितना किसी आर्टिस्ट, फिल्मकार को कंट्रोल या सेंसर किया जायेगा उतना हम उसको डिफेंड करेंगे। सेंसर या सरकार फिल्मों के जरिए जो चीज कंट्रोल करना चाहती है उसका रिजल्ट कभी नहीं मिलता है। अगर आप ज्यादा सेंसर करेंगे तो हम दूसरा रास्ता चुनेंगे लेकिन अपनी बात जरूर कहेंगे।"
भारतीय फिल्मों में कम ही नजर आने वाली तनिष्ठा कई फिल्में और थिएटर कर चुकी हैं और अब बतौर नायिका भारत में यह उनकी पहली रिलीज है।