फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Unified authority to monitor Periyar river cleanliness important; lives at stake: Kerala HC

Kerala: पेरियार नदी की सफाई के लिए एकीकृत प्राधिकरण जरूरी, केरल हाईकोर्ट ने कहा- लाखों लोगों की जिंदगी दांव पर

Sat, 20 Jun 2026 06:00 PM IST
Pavan पीटीआई, कोच्चि
पीटीआई, कोच्चि Published by: Pavan Updated Sat, 20 Jun 2026 06:00 PM IST
सार

केरल हाईकोर्ट ने पेरियार नदी की सफाई और संरक्षण के लिए एकीकृत निगरानी प्राधिकरण बनाने की जरूरत पर जोर दिया। अदालत ने कहा कि लाखों लोगों की जिंदगी नदी पर निर्भर है। प्रदूषण रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की नई समयसीमा तय करने और सभी पक्षों को जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
Unified authority to monitor Periyar river cleanliness important; lives at stake: Kerala HC
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने पेरियार नदी की बढ़ती प्रदूषण समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि नदी की स्वच्छता और संरक्षण की निगरानी के लिए एक एकीकृत (यूनिफाइड) प्राधिकरण का गठन बेहद जरूरी है। अदालत ने कहा कि इस नदी पर लाखों लोगों का जीवन निर्भर है और हालात बिगड़ने का इंतजार नहीं किया जा सकता। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- PM Modi In Bengal: 'दशकों के कुशासन से मुक्त हुआ प्रदेश, अब विकास का महाअभियान शुरू'; बंगाल में गरजे पीएम मोदी
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने कहा कि पेरियार नदी के महत्व को देखते हुए इसके लिए एक समन्वित निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता पर किसी अतिरिक्त जोर की जरूरत नहीं है। अदालत ने याद दिलाया कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में एक 'इंटीग्रेटेड रिवर बेसिन कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट प्लान' बनाने का सुझाव दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


'लाखों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है'
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, 'लाखों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है और हमें किसी बड़े संकट का इंतजार नहीं करना चाहिए। सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी से काम करते हुए नदी को बचाने के लिए आवश्यक रोकथाम और सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए'। यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें उद्योगों और अलुवा मार्केट से निकलने वाले अपशिष्ट एवं गंदे पानी को पेरियार नदी में डाले जाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।

यह भी पढ़ें- ED: सालाना 36% रिटर्न देने का झूठा वादा, जुटाए 5978 करोड़ रुपये; ईडी ने कंपनी की संपत्तियों को नीलाम किया

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी निर्देश
केरल हाईकोर्ट ने केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी निर्देश दिया कि वह नदी प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने की नई समयसीमा प्रस्तुत करे और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करे। अदालत ने कहा कि एसटीपी की स्थापना नदी से जुड़ी जैव विविधता, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अदालत को बताया कि पहले तय की गई समयसीमा का पालन राज्य विधानसभा चुनावों के कारण नहीं हो सका। मामले की अगली सुनवाई में अदालत नदी संरक्षण से जुड़े कदमों और एसटीपी परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed