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ED: सालाना 36% रिटर्न देने का झूठा वादा, जुटाए 5978 करोड़ रुपये; ईडी ने कंपनी की संपत्तियों को नीलाम किया

Sat, 20 Jun 2026 05:44 PM IST
Jyoti Bhaskar डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Jyoti Bhaskar Updated Sat, 20 Jun 2026 05:44 PM IST
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ED False promise of 36 pc annual returns 5978 crore raised authorities auctioned assets of company hindi news
ED (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उनसे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपये की कीमत वाली 23 अटैच की गई अचल संपत्तियों को नीलाम कर दिया है। ईडी ने नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। आरोपियों ने भोले-भाले लोगों को सालाना 36 प्रतिशत से ज़्यादा का रिटर्न देने का वादा किया था। इस तरह से उन्होंने 5978 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश इकट्ठा कर लिया। वे लोगों को उनकी मूल रकम भी वापस नहीं कर पाए। देश भर में बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई।

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जांच एजेंसी द्वारा नीलाम की गई संपत्तियों में वे एसेट्स भी शामिल हैं जिन्हें 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत ज़ब्त किया गया था। इन संपत्तियों की पहचान 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' (तय अपराधों) से हुई 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध से हुई कमाई) से हासिल या बनाई गई संपत्तियों के तौर पर की गई थी। पीएमएलए की 'एडजूडिकेटिंग अथॉरिटी' ने इसकी पुष्टि की। नीलामी की प्रक्रिया एमएसटीसी लिमिटेड के ज़रिए, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से की गई।
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नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल असली निवेशकों/पीड़ितों को मुआवज़ा देने और उनका पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा। यह काम पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट की देखरेख और निर्देशों के तहत होगा। इससे उन हजारों निवेशकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिनके साथ आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी की थी।
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जांच के दौरान, नौहेरा शेख़ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहीं। उनके व्यवहार का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ज़मानत रद्द कर दी। इसके बाद, हैदराबाद में पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट ने 07-05-2026 को उनके खिलाफ 'नॉन-बेलेबल वारंट' जारी किया। खास जानकारी मिलने पर, ईडी ने उन्हें 21-05-2026 को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ़्तार किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।


नौहेरा शेख की पर्सनल असिस्टेंट नाज़नीन अंसारी उर्फ़ अबीदा, 'प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम' (अपराध से हुई कमाई) को अपने पास रखने, इस्तेमाल करने और उसे और बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थीं। इसके अलावा, ज़ब्त संपत्तियों की नीलामी के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पूरी जानकारी होने के बावजूद, उन्होंने जानबूझकर नीलामी की प्रक्रिया में बाधा डाली। उन्होंने संपत्तियों का निरीक्षण नहीं होने दिया। उन्हें 'अनटेन्टेड एसेट्स' (साफ-सुथरी संपत्ति) बताकर गलत जानकारी दी। इसलिए, उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

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