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बच्चों के हाथों में थी आज NSE की क्लोजिंग बेल की डोर

Tue, 14 Nov 2017 06:19 PM IST
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा Updated Tue, 14 Nov 2017 06:19 PM IST
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unicef and National Stock Exchange celebrated childrens day
NSE - फोटो : unicef
आज बच्चों का दिन है और पूरा देश बाल दिवस मना रहा है। और इस बालदिवस पर देश के हर बड़े संस्थानों पर बच्चे छाए रहे। इसी कड़ी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुंबई स्थित ऑफिस में क्लोजिंग बेल भी नौनिहालों ने बजाई। किड्स टेक ओवर (#KidsTakeOver)  के नाम से यूनिसेफ के इस इनीशिएटिव का हिस्सा एनएसई भी बना जहां बच्चों ने सीईओ विक्रम लिमये के साथ इस बेल को बजाया और पूरी बिल्डिंग का जायजा भी लिया। उस मौके पर करीब 30 बच्चे एनएसई पहुंचे और कार्यक्रम का संचालन भी इन्हीं बच्चों ने किया।
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कार्यक्रम का संचालन कर रहीं संध्या ने बाल अधिकारों और सुरक्षित बचपन पर सवाल किए जिसके जवाब में एनएसई के सीएसआर प्रमुख अनुराग प्रताप ने कहा कि बच्चों को बेसिक शिक्षा के साथ स्किल एजूकेशन दिए जाने की जरूरत है जिससे  कि वह उनके करियर को बनाने में मदद मिले। 
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वहीं इस मौके पर माइन-एन-माइन एनजीओ से आई  संध्या किरण ने सरकार से मांग की कि सरकार को चिल्ड्रंस का बजट बढ़ाकर 9 फीसदी करना चाहिए। संध्या ने कहा कि सरकार को शिक्षा, सुरक्षा और बच्चों के लिए साफ-सफाई पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और अधिकारियों की तालियां बटोरीं।

 

सरकार को आदिवासी समुदाय की शिक्षा के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है

unicef and National Stock Exchange celebrated childrens day
NSE - फोटो : unicef
मुंबई के अहमदनगर जिले से आईं एक आदिवासी लड़की कविता भरतडोके ने बताया कि वह अपने घर की पहली लड़की हैं जो 12वीं की पढ़ाई कर रही है, सरकार को आदिवासी समुदाय की शिक्षा के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है।  

एनएसई के सीईओ और एमडी विक्रम लिमये ने कहा कि  यह दिन बच्चों के लिए, बच्चों के द्वारा पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस मौके पर यूनिसेफ की प्रोग्राम रिप्रजेंटेटिव हेनरीट अहेंस ने कहा कि जिस तरह से बच्चों के लिए शुरुआती 1000 दिन महत्वपूर्ण होते हैं उसी तरह बच्चों के लिए निवेश भी महत्वपूर्ण होता है।

अब समय आ गया है कि व्यापारी वर्ग आगे आए और बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कदम उठाएं। हेनरीट ने कहा कि बच्चों के लिए उनकी हिस्सेदारी का अधिकार ही उनका सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। हेनरीट ने आगे कहा कि हमारा मानना है कि बच्चे न सिर्फ भविष्य हैं बल्कि इस परिवर्तन का बड़ा हिस्सा भी हैं, जो परिवर्तन हम इस दुनिया में लाना चाहते हैं। आज हमारे बच्चे  सबसे बड़े प्रभावशाली एजेंट हैं जिसे हम हर दिन देख रहे हैं। 

हेनरीट ने बच्चों की अधिकारों के बात करते हुए कहा कि यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों के लिए कई कंपनियों के सीएसआर के साथ मिलकर काम कर रही है जिसमें से एनएसई भी एक है। उन्होंने बताया कि बाल दिवस के मौके पर मैं यह कहना चाहती हूं कि विश्वभर के हर एक बच्चे के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए। वहीं व्यापार और व्यापारियों को भी बच्चों के लिए आगे आना चाहिए। 


हेनरीट ने इस मौके पर कहा कि हमें गर्व है कि हमारे साथ एनएसई काम कर रहा है और सरकार के कार्यक्रमों में जो खालीपन रह गया है उसे पूरा करने में जुटा है। आज बाल दिवस के मौके पर बच्चों ने संसद से लेकर ऑफिस तक में बच्चों ने अपने अधिकार की बात की है। यूनिसेफ 14 से 20 नवंबर चिल्ड्रंस  वीक मना रहा है। अमर उजाला भी यूनिसेफ की किड्सटेकओवर का हिस्सा है।
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