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Karnataka: दो कांग्रेस विधायकों ने दिया इस्तीफा, कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज यशवंतरायगौड़ा और दिनेश राव
Mon, 03 Aug 2026 04:43 PM IST
Pavan
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: Pavan
Updated Mon, 03 Aug 2026 04:43 PM IST
सार
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार से पहले दो कांग्रेस विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों विधायक कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पद संभालने के दो महीने बाद आज कैबिनेट का विस्तार किया गया है।
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डीके शिवकुमार, सीएम, कर्नाटक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी. पाटिल और दिनेश गुंडू राव ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट में शामिल नहीं किए जाने से नाराज होकर उन्होंने यह फैसला लिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इंडी विधानसभा सीट से विधायक पाटिल ने सोमवार को विधानसभा के उपाध्यक्ष रुद्रप्पा लमानी को विधान सौधा में अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए उनके साथ अन्याय होने का आरोप लगाया।
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इस्तीफे के बाद क्या बोले पाटिल?
इस्तीफा देने के बाद पाटिल ने कहा कि सोमवार सुबह तक उनका नाम मंत्रियों की सूची में था और उन्हें इसकी जानकारी भी दी गई थी। लेकिन पार्टी की अंतिम सूची में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने कहा, 'पार्टी नेतृत्व ने मुझसे किया गया वादा पूरा नहीं किया। इसलिए मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था'। पाटिल ने साफ किया कि वह सिर्फ मंत्री पद के लिए नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विजयपुरा जिले में कांग्रेस में वफादारी और ईमानदारी की कोई कद्र नहीं है। अब वह अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से बात करके आगे का फैसला करेंगे।
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'चुनाव से पहले मुझे मंत्री बनाने का वादा किया गया था'
उन्होंने दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्हें मंत्री बनाने का वादा किया गया था। सरकार बनने के समय कहा गया कि ढाई साल बाद उन्हें मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। पाटिल ने कहा, 'मैं कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं, लेकिन पार्टी ने ऐसा माहौल बना दिया है कि मुझे इस्तीफा देना पड़ा'। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह आठ चुनाव लड़ चुके हैं और अपने फैसलों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का भी अपमान है।
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दिनेश गुंडू राव ने एक्स पर लिखा संदेश
वहीं, कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने एक्स पर लिखा, 'अपने पूरे राजनीतिक करियर में, कर्नाटक के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है - चाहे विधायक के तौर पर हो या मंत्री के तौर पर। मैंने ऐसी योजनाओं पर काम किया है जिनसे जमीनी स्तर पर असल बदलाव आया है। छह बार विधायक बनना सिर्फ इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है, और यह भरोसा मेरे लिए सबसे अहम है। कांग्रेस पार्टी और अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति मेरी निष्ठा कभी कम नहीं हुई। मैंने यूथ कांग्रेस से लेकर जिला कांग्रेस, केपीसीसी और एआईसीसी तक कई पदों पर काम किया है। कुल मिलाकर, मैंने कड़ी मेहनत की है, पूरी निष्ठा दिखाई है, विचारधारा को लेकर स्पष्ट रहा हूं और उन लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है जो मेरे साथ खड़े रहे - यही बात मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है'।
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इस्तीफे के बाद क्या बोले पाटिल?
इस्तीफा देने के बाद पाटिल ने कहा कि सोमवार सुबह तक उनका नाम मंत्रियों की सूची में था और उन्हें इसकी जानकारी भी दी गई थी। लेकिन पार्टी की अंतिम सूची में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने कहा, 'पार्टी नेतृत्व ने मुझसे किया गया वादा पूरा नहीं किया। इसलिए मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था'। पाटिल ने साफ किया कि वह सिर्फ मंत्री पद के लिए नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विजयपुरा जिले में कांग्रेस में वफादारी और ईमानदारी की कोई कद्र नहीं है। अब वह अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से बात करके आगे का फैसला करेंगे।
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'चुनाव से पहले मुझे मंत्री बनाने का वादा किया गया था'
उन्होंने दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्हें मंत्री बनाने का वादा किया गया था। सरकार बनने के समय कहा गया कि ढाई साल बाद उन्हें मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। पाटिल ने कहा, 'मैं कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं, लेकिन पार्टी ने ऐसा माहौल बना दिया है कि मुझे इस्तीफा देना पड़ा'। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह आठ चुनाव लड़ चुके हैं और अपने फैसलों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का भी अपमान है।
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दिनेश गुंडू राव ने एक्स पर लिखा संदेश
वहीं, कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने एक्स पर लिखा, 'अपने पूरे राजनीतिक करियर में, कर्नाटक के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है - चाहे विधायक के तौर पर हो या मंत्री के तौर पर। मैंने ऐसी योजनाओं पर काम किया है जिनसे जमीनी स्तर पर असल बदलाव आया है। छह बार विधायक बनना सिर्फ इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है, और यह भरोसा मेरे लिए सबसे अहम है। कांग्रेस पार्टी और अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति मेरी निष्ठा कभी कम नहीं हुई। मैंने यूथ कांग्रेस से लेकर जिला कांग्रेस, केपीसीसी और एआईसीसी तक कई पदों पर काम किया है। कुल मिलाकर, मैंने कड़ी मेहनत की है, पूरी निष्ठा दिखाई है, विचारधारा को लेकर स्पष्ट रहा हूं और उन लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है जो मेरे साथ खड़े रहे - यही बात मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है'।