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असम: उल्फा (आई) में दूसरे नंबर के कमांडर राजखोवा का आत्मसमर्पण, सेना ने हिरासत में लिया
Wed, 11 Nov 2020 10:27 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 11 Nov 2020 10:27 PM IST
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- फोटो : Facebook
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उल्फा (आई) के उप कमांडर इन चीफ दृष्टि राजखोवा ने बुधवार को मेघालय में आत्मसमर्पण कर दिया। असम सरकार के सूत्रों के अनुसार राजखोवा को सेना ने हिरासत में लिया है और उसके चार और साथियों ने भी आत्मसमर्पण किया है।। राजखोवा को असम लाया जा रहा है। बता दें कि राजखोवा उल्फा (इंडिपेंडेंट) में शीर्ष क्रम में दूसरे नंबर पर हैं।
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ULFA (I) leader Drishti Rajkhowa is currently under custody of Army intelligence and is being brought to Assam: Government sources
— Press Trust of India (@PTI_News) November 11, 2020विज्ञापन
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पुलिस ने एसएफ-10 कमांडो की एक टीम के साथ उसे दक्षिणी गारो पहाड़ियों में स्थिति बोबोगक्रे गांव के पास घेर लिया था। जानकारी के अनुसार पुलिस और कमांडो के साथ मुठभेड़ के बाद राजखोवा ने आत्मसमर्पण किया। यह मुठभेड़ करीब आधे घंटे तक चली और उसने जब उसे महसूस हो गया कि अब बचने का कोई मौका नहीं है, तो उसने हथियार डाल दिए।
जानकारी के अनुसार राजखोवा पिछले तीन महीने से भारत-बांग्लादेश सीमा पर दोनों पक्षों के सुरक्षा बलों को एक पर्ची देकर पिछले तीन महीने से दोनों तरफ आता जाता रहा है। राजखोवा को पिछले महीने जाफलॉन्ग के पास देखा गया था, जब ढाका में पाकिस्तानी उच्चायुक्त इमरान सिद्दीकी उसी इलाके में एक रिजॉर्ट में छुट्टी मना रहे थे।
हालांकि, दोनों की मुलाकात की पु्ष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन, भारतीय खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि ढाका में पाकिस्तान के रक्षा अताशे ब्रिगेडियर एजाज हाल के महीनों में उत्तर-पूर्व के विद्रोही नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं। एजाज एक स्थानीय अकादमिक के संपर्क में है जिसे पूर्वोत्तर में विद्रोहियों को समर्थन देने के लिए जाना जाता है।