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यूक्रेन संकट: कीव में घायल हरजोत सिंह घर लौटे, हरदीप पुरी भी आखिरी जत्थे के साथ हंगरी से आए वापस
Mon, 07 Mar 2022 10:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 07 Mar 2022 10:14 PM IST
सार
हरजोत सिंह और 200 अन्य छात्रों के साथ भारतीय वायु सेना का एक विमान दिल्ली के हिंडन एयरपोर्ट पर उतरा। रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग के दौरान कीव में गोली लगने से हरजोत सिंह घायल हो गए थे।
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भारतीय छात्र हरजोत सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग के दौरान गोली लगने से घायल हो गए छात्र हरजोत सिंह को लेकर भारतीय वायु सेना का एक विमान दिल्ली के हिंडन एयरपोर्ट पर उतरा। साथ ही केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह के साथ लगभग 200 भारतीय छात्र विमान द्वारा शाम सवा छह बजे तक वापस भारत लौट आए। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सोमवार को बुडापेस्ट में फंसे 6,711 भारतीय छात्रों के अंतिम जत्थे के साथ हंगरी से भारत वापस लौट आए हैं।
रविवार को दिल्ली में हरजोत के परिजनों ने कहा कि वे बहुत खुश हैं। क्योंकि हरजोत वापस आ रहे हैं। शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके कहा था कि उनके इलाज का सारा खर्चा भारत सरकार उठाएगी।
27 फरवरी को जब 31 वर्षीय हरजोत सिंह अपने दो दोस्तों के साथ कीव से निकल कर पश्चिमी यूक्रेन के शहर ल्वीव जा रहे थे तभी उनको चार गोलियां मारी गईं थी। गोलियां उनके सीने में लगी थी। इसके बाद हरजोत को कीव के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने अपना एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से वतन वापसी कराने की गुहार लगाई थी।
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वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सोमवार को बुडापेस्ट में फंसे 6,711 भारतीय छात्रों के अंतिम जत्थे के साथ हंगरी से भारत वापस लौट आए हैं। केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बुडापेस्ट से हमारे 6,711 छात्रों के अंतिम बैच के साथ दिल्ली पहुंचकर प्रसन्नता हुई। यूक्रेन से लौटे युवा जब अपने घर पहुंचेंगे और अपने माता-पिता के साथ होंगे तो खुशी, उत्साह और राहत का माहौल होगा।
युद्धग्रस्त देश से भारतीय छात्रों की निकासी को लेकर केंद्र सरकार द्वारा आपरेशन गंगा अभी भी चलाया जा रहा है। आपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से हजारों भारतीय नागरिकों को वापस लाए जाने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने सोमवार को भारतीय दूतावासों की जमकर तारीफ की है। मुरलीधरन ने कहा कि 20,000 भारतीय नागरिकों में से हम 16,000 से अधिक नागरिकों को निकालने में सक्षम हुए हैं। लगभग 3,000 नागरिक अभी भी यूक्रेन के पड़ोसी देशों में हैं। सूमी क्षेत्र में लगभग 600 छात्र हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दूतावास उन्हें निकालने की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
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रविवार को दिल्ली में हरजोत के परिजनों ने कहा कि वे बहुत खुश हैं। क्योंकि हरजोत वापस आ रहे हैं। शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके कहा था कि उनके इलाज का सारा खर्चा भारत सरकार उठाएगी।
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27 फरवरी को जब 31 वर्षीय हरजोत सिंह अपने दो दोस्तों के साथ कीव से निकल कर पश्चिमी यूक्रेन के शहर ल्वीव जा रहे थे तभी उनको चार गोलियां मारी गईं थी। गोलियां उनके सीने में लगी थी। इसके बाद हरजोत को कीव के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने अपना एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से वतन वापसी कराने की गुहार लगाई थी।
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वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सोमवार को बुडापेस्ट में फंसे 6,711 भारतीय छात्रों के अंतिम जत्थे के साथ हंगरी से भारत वापस लौट आए हैं। केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बुडापेस्ट से हमारे 6,711 छात्रों के अंतिम बैच के साथ दिल्ली पहुंचकर प्रसन्नता हुई। यूक्रेन से लौटे युवा जब अपने घर पहुंचेंगे और अपने माता-पिता के साथ होंगे तो खुशी, उत्साह और राहत का माहौल होगा।
युद्धग्रस्त देश से भारतीय छात्रों की निकासी को लेकर केंद्र सरकार द्वारा आपरेशन गंगा अभी भी चलाया जा रहा है। आपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से हजारों भारतीय नागरिकों को वापस लाए जाने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने सोमवार को भारतीय दूतावासों की जमकर तारीफ की है। मुरलीधरन ने कहा कि 20,000 भारतीय नागरिकों में से हम 16,000 से अधिक नागरिकों को निकालने में सक्षम हुए हैं। लगभग 3,000 नागरिक अभी भी यूक्रेन के पड़ोसी देशों में हैं। सूमी क्षेत्र में लगभग 600 छात्र हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दूतावास उन्हें निकालने की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।