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यूआईडीएआई ने नकारे ट्राई चीफ के आधार डाटा में सेंध लगाने वालों के दावे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:12 AM IST
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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन रामसेवक शर्मा के आधार नंबर की मदद से उनका निजी ब्योरा जुटाने वालों के दावों को यह 12 अंक का यूनिक पहचान नंबर जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने रविवार को नकार दिया। यूआईडीएआई ने दावा किया कि कोई भी शर्मा का सही डाटा नहीं जुटा पाया है। साथ ही ये भी कहा कि पिछले आठ साल से आधार का डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित बना हुआ है और इसमें सेंध लगाना संभव नहीं है।
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बता दें कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व महानिदेशक रहे शर्मा ने शनिवार को अपना आधार नंबर ट्विटर पर पोस्ट किया था और उसकी मदद से ब्योरा जुटाकर कोई हानि पहुंचाने की चुनौती उन लोगों को दी थी, जो आधार के डाटाबेस की सुरक्षा पर चिंता जताते रहे हैं। इसके बाद लोगों ने उनका मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, घर का पता, वोटर आईडी कार्ड का यूनिक नंबर, पिता का नाम, निजी जीमेल व याहू मेल आईडी और पैन कार्ड नंबर जैसी डिटेल जुटा लेने का दावा करते हुए इन्हें ट्विटर पर शेयर किया था। लेकिन यूआईडीएआई ने इन दावों को खारिज कर दिया।
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यूआईडीएआई की तरफ से रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि आधार ने बड़े पैमाने पर जनता के बीच डिजिटल विश्वास बनाया है और ये चालाक लोग (ट्विटर पर ब्योरा जुटाने का दावा करने वाले) गलत जानकारी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। आधार डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित है और पिछले 8 साल से मजबूती से अपनी सुरक्षा साबित कर रहा है।
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आधार डाटाबेस नहीं पब्लिक डोमेन से जुटाई गईं जानकारियां
यूआईडीएआई ने कहा कि आरएस शर्मा से जुड़ी जानकारियां आधार डाटाबेस या उनके सर्वर में सेंध लगाकर नहीं जुटाई गईं बल्कि शर्मा के सरकारी पद पर होने के कारण ये जानकारियां आसानी से गूगल सर्च पर या अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध है। यूआईडीएआई ने उदाहरण देते हुए कहा कि शर्मा का मोबाइल नंबर उनके आईटी सचिव रहने के कारण एनआईसी की वेबसाइट पर मौजूद है। इसी तरह उनकी जन्मतिथि आईएएस अधिकारियों की सिविल सूची में मौजूद है। उनका पता ट्राई की वेबसाइट पर मौजूद है। इसी तरह ईमेल आईडी भी पब्लिक डोमेन पर मौजूद है। यूआईडीएआई ने आम जनता से इस डाटा को आधार डाटाबेस से जुटाने का दावा करने वालों से सावधान रहने की अपील की है।
शर्मा बोले, ट्राई चीफ नहीं निजी हैसियत से दी थी चुनौती
अपना आधार नंबर सोशल मीडिया पर शेयर कर चुनौती देने के बाद जमकर चर्चित हो गए ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने रविवार को कहा कि उन्होंने ट्विटरातियों (ट्विटर उपयोगकर्ता) को ये चुनौती नियामक प्राधिकरण के चीफ की बजाय भारत का सामान्य नागरिक होने की निजी हैसियत से दी थी। उन्होंने दो ट्विटरातियों को ट्वीट के जरिए उत्तर देते हुए ये बात लिखी।
इनमें से एक फ्रांस का सुरक्षा विशेषज्ञ है, जिसका ट्विटर पर नाम इलियट एल्डरसन है और उसने खुद को यूआईडीएआई के लिए बुरे स्वप्न जैसा बताया था। संयोग से हैकर सतर्कता से जुड़े एल्डरसन इससे पहले भी ट्विटर पर आधार सिस्टम की कमियों और भाजपा व कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों की मोबाइल ऐप में डाटा सुरक्षा की गड़बड़ियों का खुलासा कर चुका है।