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केरल: 40 साल पुराने जमीन विवाद को सुलझाने की कोशिशें तेज, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 16 जून तक समाधान की उम्मीद
Sat, 13 Jun 2026 03:39 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, कोच्चि।
पीटीआई, कोच्चि।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 13 Jun 2026 03:39 PM IST
सार
केरल के एर्नाकुलम जिले में 40 साल पुराने जमीन विवाद के कारण सात दलित परिवारों पर बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। केरल हाईकोर्ट ने मामले में 16 जून तक की समय-सीमा तय की है, जिसके पहले सरकार समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। पढ़िए रिपोर्ट-
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रोजी एम जॉन
- फोटो : फेसबुक/रोजी एम जॉन
विस्तार
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने शनिवार को कहा कि सरकार एर्नाकुलम जिले के परीयाथुकावु में लंबे समय से जारी जमीन विवाद को 16 जून से पहले आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश कर रही है। यह तारीख केरल हाईकोर्ट की ओर से तय की गई समय-सीमा है। हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद किझक्कंबलम के पास परीयाथुकावु में रहने वाले सात दलित परिवारों को बेदखली का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री एम जॉन ने क्या कहा?
उन्होंने पत्रकारों से कहा, प्रयास जारी हैं और हमें उम्मीद है कि 16 जून से पहले इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा। इसको लेकर बातचीत चल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, यह मामला करीब 40 वर्षों से चल रहा है। किसी भी पिछली सरकार ने इस दौरान दखल नहीं दिया, न कोई चर्चा की और न ही विवाद का न्यायसंगत समाधान खोजने के लिए गंभीर प्रयास किया।
40 साल पुराना विवाद
जॉन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में अदालत के आदेशों को लागू करने के लिए पुलिस करीब 14 बार बेदखली संबंधी कार्रवाई के लिए वहां गई। उन्होंने कहा, उन मौकों पर भी किसी सरकार ने इस मुद्दे को आधिकारिक स्तर पर नहीं उठाया और न ही इसे सुलझाने के लिए बातचीत शुरू की। दोनों पक्षों को साथ बैठाकर ऐसा समाधान निकालने की भी कोई कोशिश नहीं हुई जिसे सभी स्वीकार कर सकें।
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'हरसंभव प्रयास कर रही यूडीएफ सरकार'
जमीन विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई एक बैठक को बिना नई तारीख तय किए स्थगित कर दिया गया। ये सात दलित परिवार 2.69 एकड़ जमीन पर रह रहे हैं। एक निजी मुकदमे के बाद अदालत ने उन्हें वहां से हटाने का आदेश दिया था।
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मंत्री एम जॉन ने क्या कहा?
उन्होंने पत्रकारों से कहा, प्रयास जारी हैं और हमें उम्मीद है कि 16 जून से पहले इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा। इसको लेकर बातचीत चल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, यह मामला करीब 40 वर्षों से चल रहा है। किसी भी पिछली सरकार ने इस दौरान दखल नहीं दिया, न कोई चर्चा की और न ही विवाद का न्यायसंगत समाधान खोजने के लिए गंभीर प्रयास किया।
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40 साल पुराना विवाद
जॉन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में अदालत के आदेशों को लागू करने के लिए पुलिस करीब 14 बार बेदखली संबंधी कार्रवाई के लिए वहां गई। उन्होंने कहा, उन मौकों पर भी किसी सरकार ने इस मुद्दे को आधिकारिक स्तर पर नहीं उठाया और न ही इसे सुलझाने के लिए बातचीत शुरू की। दोनों पक्षों को साथ बैठाकर ऐसा समाधान निकालने की भी कोई कोशिश नहीं हुई जिसे सभी स्वीकार कर सकें।
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'हरसंभव प्रयास कर रही यूडीएफ सरकार'
- मंत्री रोजी एम जॉन ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार इस समस्या को हल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
- एम जॉन ने कहा कि उन्होंने बातचीत की है और पूरी ईमानदारी के साथ इस मामले को सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि समझौता कराने के लिए जितना आगे जाना पड़े, हम तैयार हैं और उसी उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
जमीन विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई एक बैठक को बिना नई तारीख तय किए स्थगित कर दिया गया। ये सात दलित परिवार 2.69 एकड़ जमीन पर रह रहे हैं। एक निजी मुकदमे के बाद अदालत ने उन्हें वहां से हटाने का आदेश दिया था।