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सड़क पर घायल की मदद नहीं करना पड़ा भारी, दो लोगों को पांच साल की सजा
Wed, 29 Jan 2020 09:10 PM IST
अमित कुमार
पीटीआई, ठाणे
पीटीआई, ठाणे
Published by: अमित कुमार
Updated Wed, 29 Jan 2020 09:10 PM IST
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद नहीं करना दो लोगों को भारी पड़ा है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने की वजह से घायल व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में अदालत ने दो लोगों को पांच साल की सजा सुनाई है।
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डिस्ट्रिक्ट जज आर.वी. ताम्हानेकर ने पिछले हफ्ते एक आदेश जारी कर कल्याण के 37 वर्षीय सुनील रमेश कोट और 31 साल के स्वपनिल नारायण कोट को धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का दोषी ठहराया है। जज ने दोनों को 5-5 साल की सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई।
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अतिरिक्त सरकारी वकील संध्या म्हात्रे ने अदालत को सूचना दी कि मृतक अनिल दगड़ू रांदिव सुनील कोट का आटो चलाता था। 16 अप्रैल, 2016 को आरोपी ने पुलिस में अपना आटो रिक्शा चोरी होने की रिपोर्ट कराई थी क्योंकि अनिल दगड़ू वापस नहीं लौटा था।
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वकील ने बताया कि दो दिन की तलाश के बाद आरोपियों ने रांदिव को सड़क किनारे घायल अवस्था में पाया। मगर उसे अस्पताल ले जाने के बजाय वह उसके साथ दूसरे आटो रिक्शा में घूमते रहे। जब तक रांदिव को रुक्मणी अस्पताल पहुंचाया गया, उसकी मौत हो चुकी थी।