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नोटबंदीः इलाज के लिए नहीं थे रुपये, बैंक की कतार में लगे दो दिव्यांगों की मौत
ब्यूर/ अमर उजाला, मलपुरा/फतेहाबाद (आगरा)
Updated Fri, 09 Dec 2016 02:42 AM IST
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- फोटो : amarujala
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कैश के लिए बैंक की लाइन में लगे दो दिव्यांगों की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। फतेहाबाद में बीमार विकलांग को इलाज के लिए बैंक से पैसा निकालना था तो मलपुरा में दूसरे दिव्यांग को आठ दिन से यह कहकर लौटाया जा रहा था कि कैश नहीं है। वह तड़के लाइन में लग जाता था।
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फतेहाबाद के गांव दुर्जीपुरा निवासी दिव्यांग कप्तान सिंह (52) पुत्र पन्नीलाल बीमारी के कारण मजदूरी नहीं कर पा रहा था। गांववालों ने बताया कि उसका खाता केनरा बैंक की पैंतखेरा शाखा में है। तकरीबन चार हजार रुपये जमा थे।
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इलाज को कैश निकालने के लिए हर रोज बैंक की लाइन में लगा लेकिन कैश नहीं मिल सका। बुधवार को लाइन में उसकी तबियत खराब हो गई। वह घर लौट गया। गुरुवार को हालत बिगड़ी तो आसपास के लोग और रिश्तेदार इलाज के लिए ले जाने लगे लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
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उधर, कबुलपुर निवासी दिव्यांग जमुनादास (35) की साइकिल रिपेयरिंग की दुकान थी। उसके भाई संतराम के मुताबिक, वह खाते से रुपये निकालने के लिए कस्बे की श्रेयस ग्रामीण बैंक की शाखा के बाहर रोज तड़के से ही लाइन में लगता था।
गुरुवार को भी कैश न मिलने पर वह घर लौट गया। घर आने पर उसे बुखार आ गया। घरवाले एक चिकित्सक के पास ले गए। वहां उसे दवा दे दी गई। घर आने पर बुखार और तेज आ गया। सर्दी के कारण दोपहर में उसकी मौत हो गई।