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तेलंगाना: हड़ताल को लेकर केसीआर सरकार सख्त, आरटीसी के 48 हजार कर्मचारी बर्खास्त

Mon, 07 Oct 2019 06:53 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हैदराबाद Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 07 Oct 2019 06:53 PM IST
सार

  • तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन कार्पोरेश के सरकार में विलय की मांग को लेकर हड़ताल
  • राज्य सरकार ने हड़ताल को बताया अवैध, यूनियनों से बात करने से भी किया इनकार
  • 10 हजार बसें डिपो में खड़ी हैं, बुरी तरह चरमराई है राज्य की सड़क परिवहन व्यवस्था

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TSRTC strike: Telangana CM says RTC will not be merged with government
के चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)

विस्तार

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन कॉरपोरेशन (टीएसआरटीसी) यूनियनों की ओर से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर सख्त नजर आ रही, के. चंद्रशेखर राव सरकार ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया। केसीआर सरकार ने राज्य सड़क परिवहन कॉरपोरेशन के 48 हजार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

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हड़ताल को अवैध बताते हुए राज्य सरकार ने रविवार को उनकी सरकार में विलय की मांग को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इसे अक्षम्य अपराध बताया। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हड़ताल के तीसरे दिन रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। 
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चंद्रशेखर राव ने कहा था कि जो कर्मचारी सरकार द्वारा तय की गई अंतिम समयावधि (शनिवार शाम छह बजे) तक काम पर वापस नहीं लौटते हैं, उन्हें टीएसआरटीसी कर्मचारी नहीं माना जाएगा और ड्यूटी पर वापस नहीं लिया जाएगा। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल खत्म न किए जाने पर तेलंगाना सरकार ने यह फैसला लिया है। 

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आरटीसी के सरकार में विलय की मांग को लेकर हड़ताल

बता दें कि टीएसआरटीसी के कर्मचारी इसका राज्य सरकार में विलय करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं, राज्य सरकार का रुख इस मांग के बिलकुल खिलाफ है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने को कहा था। सरकार ने इसके लिए शनिवार शाम छह हजे तक का समय दिया था। 

राज्य की परिवहन व्यवस्था चरमराई, 10 हजार बसें डिपो में

बस हड़ताल के चलते पूरे राज्य की रोड परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। करीब 10 हजार बसें डिपो में खड़ी हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अधिकारियों ने 2100 बसें किराये पर ली हैं और अस्थायी ड्राइवरों के भरोसे किसी तरह सेवा चलाई जा रही है। इसमें कुछ स्कूली बसों को भी लगाया गया है। 



वहीं, टीएसआरटीसी कर्मचारी यूनियनों की जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) का कहना है कि वे सरकार की किसी धमकी से नहीं डरते हैं। जेएसी के नेताओं का दावा है कि इस हड़ताल में कार्पोरेशन के सभी 50 हजार कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है।

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