त्रिपुरा: होटल में नजरबंद पीके की आईपैक टीम के 23 सदस्यों को राहत, अदालत ने बिना शर्त किया रिहा
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भाजपा पर हमला बोले हुए कहा कि वे (मोदी-शाह) डराने और धमकाने के लिए ही जाने जाते हैं।
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त्रिपुरा के एक होटल में नजरबंद राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आईपैक) के 23 सदस्यों को अदालत ने गुरुवार को बिना शर्त रिहाई का आदेश दिया। गुरुवार सुबह टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन अगरतला पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने भाजपा और मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का फोन टैप किया गया था। हम इस मुद्दे पर पूरी न्यायिक जांच चाहते हैं। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी यहां त्रिपुरा आ रहे हैं।
बता दें कि आई-पैक की टीम को हिरासत में लिए जाने के बाद टीएमसी ने सांसद डेरेक ओ ब्रायन को अगरतला भेजा था। अगरतला पहुंचने के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भाजपा पर हमला बोले हुए कहा कि वे (मोदी-शाह) डराने और धमकाने के लिए ही जाने जाते हैं।हम उनका डटकर सामना करेंगे।'
अदालत ने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की ओर से मामले में दायर की दी गई दलील को खारिज कर दिया। प्रशांत किशोर की टीम के 23 लोगों के खिलाफ त्रिपुरा में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और उन्हें अगरतला के एक होटल में नजरबंद कर दिया गया था।
Tripura | TMC MP Derek O' Brien arrives at Agartala after a team (I-PAC) sent by TMC was detained by police
— ANI (@ANI) July 29, 2021
This is the only kind of antics they (Modi-Shah) know- to threaten, to bully. We will take them head-on, he says pic.twitter.com/KOPNQHdO5i
यह टीम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनाव से पहले भाजपा शासित राज्य त्रिपुरा में ग्राउंड वर्क के लिए पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने दावा किया था कि पुलिस ने उन्हें होटल में ही रोक दिया और पुलिस की टीम सुबह से ही होटल में गश्त कर रही थी। पुलिस ने आईपैक के सदस्यों की नजरबंदी के पीछे कोरोना प्रोटोकॉल का हवाला दिया था। हालांकि, टीएमसी ने कहा कि प्रशांत किशोर की टीम पर मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। उनके पास कोरोना प्रोटोकॉल से जुड़े सभी कागजात थे।