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Hindi News ›   India News ›   Tripura: Tipra Motha chief Pradyot Kishore Manikya Debbarma Over quiting politics and public life

Tipra Motha Chief: प्रद्योत बोले- समाज सेवा के कई रास्ते, इसके लिए राजनीति छोड़नी पड़े तो भी गुरेज नहीं

Tue, 04 Jul 2023 05:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 04 Jul 2023 05:47 PM IST
सार

Tripura: टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अब राजनीति नहीं करना चाहते हैं और लोगों को कुछ देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन छोड़ने का फैसला किया है। 

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Tripura: Tipra Motha chief Pradyot Kishore Manikya Debbarma Over quiting politics and public life
टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने कहा है कि पार्टी ग्रेटर टिपरालैंड की संवैधानिक समाधान चाहती है। जैसे ही इसका संवैधानिक समाधान निकलेगा, उसके बाद करने को बहुत कुछ है। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा करने के लिए केवल राजनीति ही एक मंच नहीं है। समाज सेवा के लिए बहुत से रास्ते हैं। अगर उसके लिए राजनीति छोड़नी पड़ेगी तो छोड़ी जा सकती है।

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उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की पहली मांग है कि ग्रेटर टिपरालैंड का संवैधिनिक समाधान हो। जनजातियों को न्याय मिले। अगर मैं त्रिपुरा के जनजातियों को न्याय नहीं दिला पाउंगा तो अपने पूर्वजों चेहरा दिखाने लायक भी नहीं रहूंगा।
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इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि प्रद्योत किशोर राजनीति से संन्यास लेने जा रहे हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद इस बात का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने लोगों के लिए और अधिक काम  करना चाहता हूं और इसे हासिल करने के बाद ही मैं सार्वजनिक जीवन से बाहर निकलूंगा।
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उन्होंने कहा कि सांसद बनने से कुछ नहीं मिलेगा। विधायक बनने से कुछ नहीं मिलेगा। नई पार्टी बनाकर भी कुछ नहीं मिलेगा। कुछ मिलेगा तो सिर्फ अपने लोगों से बात कर के, उनकी आवाज को सही जगह तक पहुंचाकर। हमारे टिपरा समाज की दिक्कत है कि हम अपनों को ही आगे नहीं आने देते। हमारा अहंकार ही हमारी कमजोरी है। मैं सभी से अपील करता हूं कि दो-तीन महीनों के लिए अपना स्वार्थ छोड़कर आगे आए और समाज के लिए काम करें।
 
 

कौन हैं राजा प्रद्योत देबबर्मा?
चार जुलाई 1978 को दिल्ली में पैदा हुए प्रद्योत बिक्रम मनिक्य देबबर्मा त्रिपुरा के 185वें महाराजा कीर्ति बिक्रम किशोर देबबर्मा के इकलौते बेटे हैं। राजशाही परंपरा खत्म होने के बाद महाराजा कीर्ति बिक्रम किशोर देबबर्मा भी राजनीति में उतर आए थे। कांग्रेस से जुड़े और सांसद चुने गए। उनकी पत्नी महारानी बीहूबी कुमारी देवी भी कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक चुनी गईं थीं। वह त्रिपुरा सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। प्रद्योत की पढ़ाई शिलॉन्ग में हुई। 

कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाई

युवावस्था में ही प्रद्योत देबबर्मा ने भी राजनीति में कदम रख दिया था। कांग्रेस युवा मोर्चा से जुड़ गए और त्रिपुरा में आदिवासी वर्ग के लिए आवाज उठाने लगे। वह त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2019 में कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने टिपरा मोथा का गठन किया। शुरू में यह गैर राजनीतिक संगठन था। हालांकि, 2021 में स्थानीय चुनाव में ताल ठोककर प्रद्योत बिक्रम के संगठन ने राजनीतिक पारी की शुरूआत की।  

ग्रेटर टिपरालैंड’ की मांग रखी
कांग्रेस से अलग होने के बाद प्रद्योत ने ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ की मांग रखी। प्रद्योत का कहना है कि, 'ग्रेटर टिपरालैंड' मौजूदा त्रिपुरा राज्य से अलग एक राज्य होगा। नई जातीय मातृभूमि मुख्य रूप से उस क्षेत्र के स्वदेशी समुदायों के लिए होगी जो विभाजन के दौरान पूर्वी बंगाल से भारत आए बंगालियों की वजह से अपने ही क्षेत्र में अल्पसंख्यक हो गए थे। 

अलग राज्य की मांग क्यों?
1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान बंगाली लोगों की एक बड़ी संख्या ने त्रिपुरा में शरण ली। जनगणना 2011 के अनुसार, बंगाली त्रिपुरा में 24.14 लाख लोगों की मातृभाषा है जो यहां की 36.74 लाख आबादी में से दो-तिहाई है। प्रद्योत अलग राज्य की मांग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अलग राज्य आदिवासियों के अधिकारों और संस्कृति की रक्षा करने में मदद करेगा, जो बंगाली समुदाय के लोगों के आ जाने से अब अल्पसंख्यक हो गए हैं। 

पार्टी का सियासी सफर
त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के 2021 के चुनावों में टिपरा मोथा ने 30 में से 18 सीटें जीतीं। इसके बाद त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 में टिपरा मोथा ने 60 में से 13 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में सिर्फ 42 प्रत्याशी ही उतारे थे।

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