Tripura: त्रिपुरा विधानसभा नेता प्रतिपक्ष बोले- सरमा के साथ चर्चा सार्थक, राज्य की समस्याओं पर हुई बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बात करते हुए सरमा ने हमसे कुछ समय इंतजार करने का अनुरोध किया। क्योंकि केंद्र सरकार स्वदेशी आबादी के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास के लिए एक योजना तैयार कर रही है।
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त्रिपुरा नेता और नेता प्रतिपक्ष अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि त्रिपुरा की जनजातीय आबादी की समस्याओं के संवैधानिक सामाधान पर गुवाहाटी में असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ हुई चर्चा सार्थक और अधिक संतोषजनक रही। एनईडीए के संयोजक सरमा ने बुधवार को चर्चा में आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य की समस्याओं और खासकर स्वदेशी लोगों की समस्याओं को हल करने की पूरी कोशिश करेगी।
वार्ताकार नियुक्त करने की मांग
देबबर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बात करते हुए सरमा ने हमसे कुछ समय इंतजार करने का अनुरोध किया। क्योंकि केंद्र सरकार स्वदेशी आबादी के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत समाधान योजना तैयार कर रही है। उन्होंने हमारी समस्याओं के संवैधानिक समाधान के लिए एक वार्ताकार की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया। हम बातचीत से बेहद संतुष्ट हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अलग नहीं होना चाहते
देबबर्मा ने कहा कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) का गठन लगभग 36 साल पहले किया गया था और सभी बुनियादी ढांचे तैयार हैं, लेकिन लोगों को सुशासन देने के लिए अधिक धन की आवश्यकता है। हम अधिक धन और आदिवासी परिषद का अधिक सशक्तिकरण चाहते हैं। आदिवासी परिषद क्षेत्रों में रहने वाले लोग राज्य से अलग नहीं होना चाहते। सरमा ने स्पष्ट रूप से हमें आश्वासन दिया कि हमारी समस्याओं का मसौदा तैयार करने के लिए एक वार्ताकार नियुक्त किया जाएगा। राजनीतिक चर्चा जारी रहेगी।
देबबर्मा ने कहा कि सरमा के साथ चर्चा से यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच मतभेदों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप तैयार कर रही है कि उनके बीच आगे कोई संघर्ष न हो। आदिवासियों के अलावा बड़ी संख्या में बंगाली आदिवासी परिषद क्षेत्रों में रहते हैं। सभी को शांति और सद्भाव से रहना चाहिए।
आमरण अनशन पर कुछ नहीं बोले देबबर्मा
हालांकि, मोथा प्रमुख ने पूर्व में घोषित आमरण अनशन बिना किसी घोषणा के क्यों वापस लिया, जबकि केंद्र 27 मार्च तक एक वार्ताकार नियुक्त करने में विफल रहा, इसपर अनिमेष ने इस बारे में कुछ नहीं कहा। बैठक में पार्टी को धैर्य रखने के लिए कहा गया था। देबबर्मा ने कहा कि न तो वह और न ही कोई टीआईपीआरए मोथा नेता प्रक्रिया की प्रगति के बारे में मीडिया से बात करेंगे।
अमित शाह का किया शुक्रिया
प्रतिनिधि मंडल में अनिमेष देबबर्मन के अलावा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर देबबर्मन, अध्यक्ष बीके हरंगख्वाल सहित कुछ और विधायक शामिल थे। वहीं, प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने एक ट्वीट में कहा कि आपके आश्वासन और बयान के लिए धन्यवाद हेमंत बिस्वा सरमा। हम स्वदेशी लोगों के मुद्दों को हल करने के इच्छुक हैं और हमें खुशी है कि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से शुरू की गई है। गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दें। जिन्होंने हमारे तिपरासा के लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास किया है।