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Tripura: 'टीएमपी और आईपीएफटी के साथ मिलकर ग्राम समितियों के चुनाव लड़ेगी BJP', पार्टी के राज्य प्रमुख का बयान
Sun, 16 Mar 2025 06:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 16 Mar 2025 06:43 PM IST
सार
Tripura: भाजपा त्रिपुरा टीटीएएडीसी के ग्राम समिति चुनाव अपने गठबंधन सहयोगियों, टिपरा मोथा पार्टी और त्रिपुरा जनजातीय जन मोर्चा के साथ मिलकर लड़ेगी। ये चुनाव फरवरी 2021 में होने थे, लेकिन कोरोना महामारी और परिसीमन की वजह से चुनाव अब तक नहीं हो पाए हैं।
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राजीव भट्टाचार्य
- फोटो : एक्स/राजीव भट्टाचार्य
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी 'त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्रीय स्वायत्त जिला परिषद' (टीटीएएडीसी) की ग्राम समितियों के चुनाव अपने गठबंधन सहयोगी टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) और त्रिपुरा जनजातीय जन मोर्चा (आईपीएफटी) के साथ मिलकर लड़ेगी। पार्टी के राज्य प्रमुख राजीव भट्टाचार्य ने रविवार को यह जानकारी दी।
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गठबंधन में लड़ेंगे चुनाव: राजीव भट्टाचार्य
भट्टाचार्य ने कहा, हम गठबंधन की राजनीति में भरोसा करते हैं। हम अपने सहयोगी दलों टीएमपी और आईपीएफटी के साथ विचार विमर्श करके टीटीएएडीसी की ग्राम समितियों के चुनावों में मिलकर भाग लेंगे। टीटीडीएसी को छठी अनुसूची के तहत गठित किया गया है, जिसमें 587 ग्राम समितियां (ग्राम पंचायतों के समान) होती हैं। इन समितियों के चुनाव फरवरी 2021 में होने थे, लेकिन चुनाव की तारीख का एलान अब तक नहीं किया गया है।
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'जिला और ब्लॉक स्तर पर किए जाएंगे कार्यक्रम'
भाजपा और टीएमपी ने 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था, लेकिन एक साल बाद टिपरा मोथा पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गई। भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ने आईपीएफटी के साथ मिलकर जनजातीय लोगों के लाभ के लिए काम किया है। उन्होंने कहा, आजे हमने 'जनजाति को सशक्त बनाओ, त्रिपुरा को सशक्त बनाओ' कार्यक्रम का आयोजन किया, ताकि भाजपा सरकार के पिछले सात वर्षों में किए गए कार्यों को सामने लाया जा सके। इस तरह के कार्यक्रम जिला और ब्लॉक स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे।
'23 साल पुराने ब्रू मुद्दे का किया समाधान'
असम भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि राज्य सरकार प्रमुख जनजातीय क्षेत्रों में विका के लिए अधिक पैसा खर्च कर रही है, ताकि सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, आवास और आजीविका जैसे विकास कार्यों को तेज किया जा सके। उन्होंने कहा, भाजपा ने 23 साल पुराना ब्रू मुद्दा हल किया है, जिमसें राज्य के अंदर विस्थापित लोगों को फिर से से उनके घरों में बसाया गया। इसके अलावा, जनजातीय छात्रों को उचित शिक्षा प्रदान करने के लिए 18 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को मंजूरी दी गई।
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चुनाव में देरी क्यों हुई?
टिपरा मोथा पार्टी ने ग्राम समिति के चुनाव जल्द करवाने के लिए त्रिपुरा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने पिछले साल आदेश दिया था कि राज्य चुनाव आयोग को दिसंबर 2024 तक चुनाव करवा लेने चाहिए। ग्राम समितियों के कार्यकाल की पांच साल की अवधि फरवरी 2021 में समाप्त हो गई थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण चुनाव नहीं हो सके। बाद में राज्य चुनाव आय़ोग ने ग्राम समितियों का परिसीम शुरू किया, जिससे चुनावों में और देरी हुई।