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राज्यसभा में आज फिर आएगा तीन तलाक बिल, लोकसभा में राफेल पर होगी चर्चा

Wed, 02 Jan 2019 08:23 AM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशवीर सिंह Updated Wed, 02 Jan 2019 08:23 AM IST
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Triple talaq bill will be tabled in Rajya Sabha on Wednesday
लोकसभा - फोटो : PTI

संसद के बीते मानसून सत्र की तरह वर्तमान शीत सत्र में भी राफेल सौदे पर कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच सियासी जंग की जमीन तैयार हो गई है। इस मुद्दे पर मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट के बाद बुधवार को बिना मतदान वाले नियम 1993 के तहत इस पर चर्चा हो सकती है। सोमवार को स्पीकर सुमित्रा महाजन के साथ हुई बैठक में सरकार और कांग्रेस दोनों बुधवार को चर्चा कराने पर सैद्घांतिक तौर पर तैयार थी। हालांकि अंतिम फैसला बुधवार को कार्यवाही शुरू होने के बाद होगी। वहीं राज्यसभा में राजनीतिक गतिरोध की वजह से अटकने के बाद बुधवार को फिर तीन तलाक बिल राज्यसभा में पेश होगा। मुस्लिमों में तीन तलाक प्रथा को अपराध की श्रेणी में लाने वाला ये बिल राज्यसभा में बहुमत के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाया था। विपक्ष बिल में बड़े बदलाव चाहता है।


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साथ ही सदन में चर्चा से पहले प्रवर समिति की मांग पर डटा हुआ है। वहीं सरकार ये मांग मानने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि विपक्ष के विरोध के बावजूद ये बिल लोकसभा में पास हो चुका है। यहां सरकार को बिल पास कराने में कोई मुश्किल नहीं आई लेकिन राज्यसभा में संख्या बल की कमी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है।

बिल को प्रवर समिति के पास भेजने का प्रस्ताव

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने तीन तलाक से संबंधित विधेयक प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव किया है। आजाद के इस प्रस्ताव पर उच्च सदन में बुधवार को उस समय चर्चा होने की संभावना है जब मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 विचार के लिए लाया जाएगा।

आजाद ने अपने प्रस्ताव में प्रवर समिति के लिए 11 विपक्षी सदस्यों के नाम भी प्रस्तावित किए हैं। आजाद द्वारा प्रस्तावित सदस्यों में कांग्रेस के आनंद शर्मा, सपा के राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, राजद के मनोज कुमार झा भी शामिल हैं। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक में संशोधन के लिए नोटिस भी दिए हैं। संजय सिंह ने कहा है कि उन्होंने विधेयक में चार संशोधनों की सिफारिश की है।

राफेल सौदा : बिना मतदान वाले नियम पर आज लोकसभा में हो सकती है चर्चा

वहीं जेपीसी जांच पर अड़ी कांग्रेस ने सोमवार को चर्चा के लिए तैयार रहने की बात कही थी। कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि पार्टी चर्चा पर सरकार की चुनौती स्वीकार करती है।  कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं। इसके अलावा राफेल की कीमत पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर ही केंद्र सरकार पर निशाना साधेगी। 

वहीं, इस मुद्दे पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ढाल बनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधने का मन बनाया है। चर्चा में सरकार की ओर से कहा जा सकता है कि मनमाफिक फैसला न आने के कारण कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रही। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस ने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री पर तो भाजपा ने राहुल पर गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

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