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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने की प्रधानमंत्री से की मांग
Wed, 24 Jul 2019 08:24 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 24 Jul 2019 08:24 PM IST
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टीएमसी सांसद प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान
- फोटो : ANI
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तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के लिए कदम उठाए जाएं। यह मांग केंद्र सरकार के पास लंबित है।
लोकसभा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के लिए विधेयक लेकर आएं।
राज्य का नाम बदलने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए सभी पत्र भी उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के समक्ष सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के मुद्दे को भी उठाया।
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राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने भी बुधवार को शून्यकाल के दौरान राज्य का नाम बदलने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कोई भी भौगोलिक क्षेत्र कभी भी पूर्वी बंगाल के नाम से नहीं जाना जाता था। बांग्ला शब्द या बांग्ला क्षेत्र का अर्थ है ऐसे समझा जाता है कि बंगा से निकला है। यह द्रविड़ जनजाति थी जो एक हजार ईसा पूर्व से इस क्षेत्र में बस गई थी।
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लोकसभा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के लिए विधेयक लेकर आएं।
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राज्य का नाम बदलने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए सभी पत्र भी उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के समक्ष सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के मुद्दे को भी उठाया।
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राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने भी बुधवार को शून्यकाल के दौरान राज्य का नाम बदलने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कोई भी भौगोलिक क्षेत्र कभी भी पूर्वी बंगाल के नाम से नहीं जाना जाता था। बांग्ला शब्द या बांग्ला क्षेत्र का अर्थ है ऐसे समझा जाता है कि बंगा से निकला है। यह द्रविड़ जनजाति थी जो एक हजार ईसा पूर्व से इस क्षेत्र में बस गई थी।