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बंगाल में बवाल: मिदनापुर में भिड़े सुवेंदु व तृणमूल समर्थक, पथराव में कई घायल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिदनापुर Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 23 Dec 2020 02:14 PM IST
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सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थम नहीं रहा है। बुधवार को राज्य के पूर्वी मिदनापुर में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और टीएमसी के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई है। गौरतलब है कि सुवेंदु ने हाल ही में सत्तारूढ़ टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।पथराव में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। 
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राजनीतिक हिंसा का ताजा मामला सुवेंदु अधिकारी के गढ़ माने जाने वाले इलाके मिदनापुर में हुआ। बताया गया है कि अधिकारी के समर्थकों के साथ भाजपा कार्यकर्ता पूर्वी मिदनापुर के रामनगर में एक रैली निकाल रहे थे। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों की तरफ कुछ इशारे किए, जो अपने पार्टी कार्यालय के पास इकट्ठे हुए थे।


इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। बताया गया है कि पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन दोनों पक्षों के पथराव में कई लोगों के घायल होने की खबर है। रामनगर को टीएमसी के गढ़ के रूप में जाना जाता है। 

इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि हमें अपनी मिट्टी का सम्मान करना और बचाना है। बंगाल को कोई नष्ट नहीं कर सकता। हम बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगे।

यह भी पढ़ें: पैसे लेते दिखे सुवेंदु अधिकारी के वीडियो को भाजपा ने डिलीट किया, टीएमसी ने घेरा 

इससे पहले भी सुवेंदु अधिकारी ने अपने ऊपर हमलों की बात कही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने सुवेंदु अधिकारी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा मुहैया कराई है। इस दौरान उन्होंने बताया था कि पिछले कुछ समय से उन पर करीब एक दर्जन हमले किए गए। 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा का दामन थाम लिया। सुवेंदु अधिकारी को रैली में मंच पर अमित शाह के बगल में जगह दी गई। सुवेंदु अधिकारी के साथ कई पार्टियों के नौ विधायक और एक टीएमसी सांसद भी भाजपा में शामिल हुए।  

दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी व कानूनी तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में आशंका है कि राज्य में चुनावों के दौरान राजनीतिक हिंसा हो सकती है। इस आशंका के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर गुहार लगाई गई है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराए जाएं। याचिका में मांग की गई है कि राज्य में विपक्षी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।  

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