'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' की रिलीज राेकने पर याचिका, आठ जनवरी को होगी सुनवाई
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'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 11 जनवरी को फिल्म रिलीज होने वाली है, जिसे रोकने को लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर में एसडीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर आठ जनवरी को उपखंड न्यायिक दंडाधिकारी सबा आलम की अदालत में सुनवाई होगी। याचिका दायर करनेवाले वकील सुधीर कुमार ओझा ने अनुपम खेर(फिल्म में डॉ. मनमोहन सिंह), अक्षय खन्ना(फिल्म में संजय बारू), निर्माता हंसल मेहता, निर्देशक विजय, अभिनेत्री अहाना कुमारी, सुजैन, राम अवतार भारद्वाज, दिव्या सेठ, अर्जुन माथुर समेत 14 लोगों पर केस दायर किया है। अधिवक्ता श्री ओझा ने बताया कि सभी 14 आरोपितों पर आपराधिक मुदकमा चलाए जाने को लेकर उनकी याचिका मंजूर कर ली गई है।
आईपीसी की धाराओं के तहत चलेगा आपराधिक मुकदमा
मुजफ्फरपुर के इस अधिवक्ता ने बताया कि भावनाएं भड़काने के लिए आईपीसी की धारा 295, हिंसा भड़काने या आंदोलन भड़कने की आशंका को लेकर 153 व 153-ए के तहत, अपमानित करने के लिए धारा 504 व 506 के तहत और सारे लोगों द्वारा मिलकर साजिश करने के लिए 120 बी/34 के तहत सुनवाई शुरू होगी। अधिवक्ता ओझा ने कहा कि मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में उनके जूनियर के घर पर टीवी व अखबार के माध्यम से उन्हें फिल्म के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने याचिका दायर की।
नेताओं से नहीं ली गई है इजाजत
अधिवक्ता का कहना है कि एमएस धोनी और संजय दत्त की बायोपिक बनी, तो उनसे अनुमति ली गई। इस फिल्म में भी स्व. अटल बिहारी वाजपेयी,पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनकी बेटी व पत्नी, प्रियंका गांधी व अन्य कई जीवित और मृत लोगों व नेताओं का सजीव चित्रण किया है, लेकिन किसी से भी अनुमति नहीं ली गई है। इसके अलावा निर्माता-निर्देशक सीधे तौर पर मनमोहन सिंह को एक्सीडेंटल पीएम साबित करना चाह रहे हैं। फिल्म रिलीज होगी तो पूरे देश-विदेश के लोग देखेंगे और ऐसे में देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब होगी।