CRPF: 3.25 लाख की संख्या वाले अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में ट्रांसफर आदेश रोके गए, 'ऑपरेशन सिंदूर' है इसकी वजह
सीआरपीएफ में इस वक्त समर चेन ट्रांसफर होते हैं। विशेष स्थिति के दौरान भी तबादला किया जाता है। अब 'ऑपरेशन सिंदूर' के चलते ट्रांसफर पर रोक लगाई गई है। देश के मौजूदा सुरक्षा परिद्रश्य में यह निर्णय लिया गया है कि जो जिस स्टेशन पर भी तैनात है, उसे वहीं पर रखा जाए।
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'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है। गुरुवार को भी जम्मू कश्मीर और राजस्थान से लगते पाकिस्तान के बॉर्डर पर सीमा पार से हमला करने का प्रयास किया गया। भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम कर दिया। सरकार की तरफ से कहा गया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' आगे बढ़ सकता है। ऐसे में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा हो रही है। इसी के चलते 3.25 लाख की संख्या वाले देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में फिलहाल ट्रांसफर आदेशों को रोक दिया गया है। ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जो अभी रिलीव नहीं हुए हैं, उन्हें आगामी आदेशों तक अपने पहले वाले स्थान पर ही रहना है।
बता दें कि सीआरपीएफ में इस वक्त समर चेन ट्रांसफर होते हैं। विशेष स्थिति के दौरान भी तबादला किया जाता है। अब 'ऑपरेशन सिंदूर' के चलते ट्रांसफर पर रोक लगाई गई है। देश के मौजूदा सुरक्षा परिद्रश्य में यह निर्णय लिया गया है कि जो जिस स्टेशन पर भी तैनात है, उसे वहीं पर रखा जाए। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव में किसी भी वक्त जवानों की मूवमेंट हो सकती है। ऐसे में जवानों को ट्रांसफर के चक्कर में उलझाना है। यही वजह है कि सीआरपीएफ ने अपने अधिकारियों और जवानों को रिलीव करने पर रोक लगा दी है। फिलहाल कश्मीर क्षेत्र में सीआरपीएफ की लगभग 49 और जम्मू क्षेत्र में 20 बटालियन तैनात हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद विभिन्न केंद्रीय बलों की कई यूनिटों को जम्मू कश्मीर के लिए रवाना किया गया है। इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ व एसएसबी आदि केंद्रीय बल शामिल हैं। दूसरे बलों में भी जवानों को स्पेयर रखने के लिए कहा गया है। सीआरपीएफ, लंबे समय से जम्मू कश्मीर में तैनात है। इस बल ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी भूमिका निभाई है। वेली क्यूएटी के तौर पर सीआरपीएफ ने सराहनीय कार्य किया है। ऐसे में अब सीआरपीएफ को बीएसएफ के साथ सुरक्षा के मोर्चे पर कोई बड़ा टॉस्क दिया जा सकता है। फिलहाल, सभी केंद्रीय बलों में जवानों और अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।