Mumbai Train Firing: आरोपी चेतन सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, नार्को जांच की मंजूरी नहीं
31 जुलाई को चेतन सिंह ने महाराष्ट्र में चलती ट्रेन में तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी को सात अगस्त तक रेलवे पुलिस की हिरासत में भेज दिया था। रिमांड खत्म होने पर आज सुनवाई हुई।
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महाराष्ट्र में चलती ट्रेन में तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कॉन्स्टेबल चेतन सिंह को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके अलावा, अदालत ने किसी भी तरह के परीक्षण करने की अनुमति से इनकार कर दिया है।
यह है मामला
गौरतलब है, 31 जुलाई को 34 वर्षीय चेतन सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक टीकाराम मीन सहित ट्रेन में यात्रा कर रहे तीन यात्रियों को गोली मार दी थी, जिससे तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना पालघर के पास की है। यात्रियों ने मीरा रोड स्टेशन के पास आरोपी को उसके हथियार सहित भागते हुए पकड़ा था। आरोपी को बोरीवली कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश किया गया था, जहां से अदालत ने आरोपी चेतन को सात अगस्त तक रेलवे पुलिस की हिरासत में भेज दिया था।
रिमांड हुई खत्म
सात अगस्त को रिमांड खत्म होने पर शुक्रवार को बोरीवली में एक मजिस्ट्रेटी अदालत में आरोपी को पेश किया गया। मामले की जांच कर रही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रिमांड नहीं मांगी, इसलिए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नार्को जांच की नहीं दी मंजूरी
इसके अलावा, अदालत ने जांच एजेंसी को सिंह पर ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को विश्लेषण परीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। जीआरपी ने यह कहते हुए परीक्षण के लिए सहमति मांगी थी कि मामला बहुत गंभीर है और गहन जांच की जरूरत है।
हत्या के कारण का खुलासा अबतक नहीं
बोरीवली रेलवे पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया था कि जीआरपी टीम के अधिकारी मंगलवार को मुंबई सेंट्रल कार शेड गए थे। यहां जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी थी। इस दौरान उन्होंने उन डिब्बों का भी दौरा किया जहां हत्याएं हुईं थीं। मौके पर उन्होंने अपराध स्थल को दोबारा बनाया गया। मुख्य गवाह और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर लिए हैं। अभी तक हत्या के मकसद का खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं। इसके अलावा, रेलवे बोर्ड ने घटना की अलग से जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।