GST दरें बढ़ने की खबरों से घबराया व्यापारी वर्ग, पत्र लिख प्रधानमंत्री से लगाई गुहार
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संगठन ने प्रधानमंत्री से इस बात की भी अपील की है कि जीएसटी भरने में व्यापारियों को अभी भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए किसी वजह से सही समय पर निर्धारित समय पर कर न चुकाने वाले व्यापारियों को दंडित न किया जाये, बल्कि इसके लिए उसे कुछ और अधिक समय दिया जाए। देश के व्यापारियों और अनेक औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपील की है।
व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी अदा करने के लिए इसे अंतिम दिनों में भरने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसका सर्वर भारी संख्या में व्यापारियों का बोझ नहीं उठा पाता है। इस समस्या से बचने के लिए व्यापारियों ने जीएसटी सर्वर की क्षमता बढ़ाए जाने की सलाह दी है।
संगठन के मुताबिक सरकार को कर चोरी रोकनी चाहिए, लेकिन इसके लिए ईमानदार व्यापारियों पर कठोरता की बजाय लचीला रुख अपनाना चाहिए। जीएसटी की कुछ जानकारी प्रतिमाह के आधार पर भरनी पड़ती है। लेकिन व्यापार हमेशा दो पक्षों के बीच होता है, जिसमें कई बार दूसरे पक्ष से उचित जवाब आने में समय लग जाता है, इसलिए इस जानकारी को सही समय पर देना संभव नहीं हो पाता।
इसका परिणाम होता है कि व्यापारियों के लेनदेन में असंतुलन दिखता है, जिसे सही समय पर उचित ठहराना संभव नहीं हो पाता। व्यापारियों ने इस जानकारी को देने की समय सीमा तीन महीने या छमाही आधार पर दिए जाने की सुविधा देने की मांग की है।