Kaziranga: PM मोदी के दौरे ने काजीरंगा को बनाया पर्यटन हॉटस्पॉट; अगले दो सालों में बढ़ सकते हैं इतने पर्यटक
असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सेंट्रल कोहोरा रेंज है, जहां के मिहिमुख क्षेत्र में हाथी की सवारी और जीप सफारी मशहूर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद जिस तरह से इसकी लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है, उससे ऐसा अनुमान है कि इसे अंतरराष्ट्रीय इको-पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते शनिवार को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। यहां उन्होंने हाथी और जीप सफारी का लुत्फ उठाया। काजीरंगा नेशनल पार्क को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी के दौरे के बाद काजीरंगा के बारे में लोगों की रुचि बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि अब जल्द ही काजीरंगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हॉटस्पॉट के रूप में जाना जाएगा।
पिछले साल 15 अक्तूबर से अब तक यहां 1.80 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। अब पीएम के दौरे के बाद कहा जा रहा है कि अगले दो वर्षों के दौरान यहां पर्यटकों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने की थी ये अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए अपने अनुभव बताए थे। 'एक्स' पर फोटो साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि मैं आप सभी से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा करने और उसकी सुंदरता का अनुभव करने के लिए यहां आने का आग्रह करता हूं। यह एक ऐसी जगह है जहां कि यात्रा आपकी आत्मा को समृद्ध करती है। यह आपको असम से गहराई से जोड़ती है।
हाथियों को खिलाया था पीएम मोदी ने गन्ना
काजीरंगा नेशनल पार्क की यात्रा से जुड़ी तस्वीरों पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। तस्वीरों में पीएम मोदी लखीमाई, प्रद्युम्न और फूलमाई हाथियों को गन्ना खिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। गौरतलब है कि काजीरंगा खासतौर पर गैंडों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में हाथी भी हैं। इसके अलावा यहां पशु-पक्षियों की कई अन्य प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं।
यहां मिलता है हाथी की सवारी और जीप सफारी का मौका
काजीरंगा में सेंट्रल कोहोरा रेंज है, जहां के मिहिमुख क्षेत्र में हाथी की सवारी और जीप सफारी का लुत्फ उठाने का मौका मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद जिस तरह से इसकी लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, उससे ऐसा अनुमान है कि इसे अंतरराष्ट्रीय इको-पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया जाएगा।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में जानिए
गौरतलब है कि 430 वर्ग किलोमीटर के शानदार भूभाग में फैला काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व ब्रह्मपुत्र घाटी क्षेत्र का सबसे बड़ा अबाधित और विशाल क्षेत्र है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान दुनिया में एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी के अलावा स्तनधारियों और पंखों वाले दुर्लभ पशु-पक्षियों की समृद्ध विविधता के लिए जाना जाता है। असम के गोलाघाट और नागांव क्षेत्रों में स्थित, इसकी सीमा उत्तर में ब्रह्मपुत्र नदी और दक्षिण में कार्बी आंगलोंग पहाड़ों से लगती है।