फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav

मुलायम सिंह यादव ने राजनीतिक जीवन में लिए ये पांच बड़े फैसले

Mon, 24 Oct 2016 01:30 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Oct 2016 01:30 PM IST
विज्ञापन
Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
- फोटो : amar ujala

समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई अहम फैसले लिए। जवानी के दिनों में पहलवानी का शौक़ रखनेवाले मुलायम सिंह सक्रिय राजनीतिक में आने से पहले शिक्षक हुआ करते थे।

विज्ञापन


समाजवादी राजनेता राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित रहे मुलायम सिंह ने अपने राजनीतिक सफर में पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यकों के हित की अगुवाई कर अपनी पुख्ता राजनीतिक ज़मीन तैयार की।
विज्ञापन


मुलायम सिंह ने राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर सबसे कम उम्र में विधायक बनकर दमदार तरीके से अपने राजनीतिक करियर का आगाज किया था। उसके बाद उनके राजनीतिक सफर में उतार-चढ़ाव तो आए लेकिन राजनेता के रूप में उनका कद लगातार बढ़ता गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक नजर मुलायम सिंह के पांच महत्वपूर्ण फ़ैसलों पर

Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala

अलग पार्टी - साल 1992 में मुलायम सिंह ने जनता दल से अलग होकर समाजवादी पार्टी के रूप में एक अलग पार्टी बनाई। तब तक पिछड़ा मानी जानेवाली जातियों और अल्प संख्यकों के बीच खासे लोकप्रिय हो चुके मुलायम सिंह का ये एक बड़ा क़दम था जो उनके राजनीतिक जीवन के लिए मददगार साबित हुआ।

2012 का विधानसभा चुनाव जीतने से पहले वो तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र की राजनीति में भी अहम भूमिका निभाते रहे।

अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने का फ़ैसला

Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala

1989 में मुलायम सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। केंद्र में वी पी सिंह की सरकार के पतन के बाद मुलायम ने चंद्रशेखर की जनता दल (समाजवादी) के समर्थन से अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार रखी।

जब अयोध्या का मंदिर आंदोलन तेज़ हुआ तो कार सेवकों पर साल 1990 में उन्होंने गोली चलाने का आदेश दिया जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए थे। बाद में मुलायम ने कहा था कि ये फैसला कठिन था। हालांकि इसका उन्हें राजनीतिक लाभ हुआ था और उनकी मुस्लिम परस्त छवि बनी थी। उनके विरोधी तो उन्हें 'मुल्ला मुलायम' तक कहने लगे थे।

यूपीए सरकार को न्यूक्लियर डील में समर्थन

Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala

साल 2008 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार अमरीका के साथ परमाणु करार को लेकर संकट में आ गई थी जब वामपंथी दलों ने समर्थन वापस ले लिया था। ऐसे वक्त पर मुलायम सिंह ने मनमोहन सरकार को बाहर से समर्थन देकर सरकार बचाई थी। जानकारों का कहना था कि उनका ये क़दम समाजवादी सोच से अलग था और व्यवहारिक उद्देश्यों से ज़्यादा प्रेरित था।

अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला

Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala

साल 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में 403 में से 226 सीटें जीतकर मुलायम सिंह ने अपने आलोचकों को एक बार फिर करारा जवाब दिया था। ऐसा लग रहा था कि मुलायम सिंह चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाकर समाजवादी पार्टी की राजनीति के भविष्य को एक नई दिशा देने की पहल कर दी थी।

हालांकि उनके राजनीतिक सफ़र में उनके हमसफ़र रहे उनके भाई शिवपाल यादव और चचेरे भाई राम गोपाल यादव के लिए ये फ़ैसला शायद उतना सुखद नहीं रहा होगा। ख़ासतौर से शिवपाल यादव के लिए जो खुद को मुलायम के बाद मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक हक़दार मान कर चल रहे थे। लेकिन शायद यहीं समाजवादी पार्टी में उस दरार की शुरुआत हो गई थी, जिसका खाई रूप हमें आज देखने को मिल रहा है।

रामगोपाल की बर्खास्तगी

Top Five Decisions of Mulayam Singh Yadav
मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala

समाजवादी पार्टी में पिछले कुछ हफ्तों से जारी उठापटक में नया मोड़ तब आया जब रविवार को मुलायम सिंह ने अपने चचेरे भाई डॉक्टर रामगोपाल यादव को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। समाजवादी खेमे में हाल के दिनों में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम की ये सबसे नाटकीय परिणति थी जिसने मुलायम सिंह और उनके बेटे के बीच उभरे मतभेद को एकदम से सतह पर ला दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed