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16वीं लोकसभा का अंतिम दिन आज, कई विधेयक व संसदीय समितियों की रिपोर्ट हो जाएंगी बेकार

Wed, 13 Feb 2019 06:45 AM IST
Gaurav Pandey शरद गुप्ता, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 13 Feb 2019 06:45 AM IST
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Today is the last day of sixteenth Lok Sabha

सोलहवीं लोकसभा का आखिरी दिन आज है। इसी के साथ तीन तलाक विधेयक, नागरिकता विधेयक जैसे कई महत्वपूर्ण बिल कानून बनने से वंचित रह जाएंगे। साथ ही एथिक्स कमेटी और एस्टीमेट्स कमेटी (प्राक्कलन समिति) जैसी महत्वपूर्ण संसदीय समितियों की रिपोर्ट संसद के पटल पर नहीं रखी जा सकेगी।

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इनमें से एथिक्स कमेटी (आचार समिति) के अध्यक्ष पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी हैं। लेकिन 15-सदस्यीय इस समिति की पिछले पांच वर्षों में केवल चार बैठकें हुई हैं और समिति की केवल एक ही रिपोर्ट संसद में पेश हुई है। आखिरी बैठक दिसंबर 2015 में हुई थी।
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समिति के सामने पश्चिम बंगाल की नारद न्यूज टीवी मामले में कई सांसदों के फंसे होने का मामला आया। 2016 में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आए इस स्टिंग ऑपरेशन में कई सांसद कैमरे के सामने रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे। इनमें से अधिकतर तृणमूल कांग्रेस के सांसद (सौगत रॉय, प्रसून बनर्जी, काकोली घोष दस्तीदार और सुवेंदु अधिकारी) थे। लेकिन समिति ने किसी भी सांसद को बुलाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि पिछली संसद में कैश फॉर वोट के मामले में आचार समिति ने दस सांसदों की सदस्यता ही समाप्त कर दी थी।

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डॉ. मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली प्राक्कलन समिति की गतिविधियां भी ठप

इसी तरह पूर्व भाजपा अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली प्राक्कलन समिति की बैठकें तो लगातार होती रही हैं लेकिन एक नवंबर को हुई बैठक में उठे विवाद के बाद इसकी गतिविधियां ठप हैं। चूंकि यह वित्त समिति है इसलिए इसकी रिपोर्ट संसद में तभी पेश है सकती है जब उसके सभी 30 सदस्यों ने उसे एक राय से पारित किया हो। लेकिन आखिरी बैठक में भाजपा के कई सांसदों ने ही अंतिम रिपोर्ट के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जता दी थी।

सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में नौकरियों और जीडीपी जैसे संवेदनशील विषयों पर सरकार के रवैये की आलोचना की गई थी। इसीलिए भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी, रमेश बिधुड़ी और निशिकांत दुबे ने सरकार का पक्ष ठीक से न रखे जाने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी थी। उनका कहना था सरकारी आंकड़े इस समिति के निष्कर्ष का समर्थन नहीं करते हैं।

संसदीय मामलों के जानकारों के अनुसार, ऐसे में समिति के अध्यक्ष को बैठक बुलाकर एक राय जुटाने के प्रयास करने चाहिए थे। लेकिन डॉ. जोशी ने पिछले तीन महीनों के दौरान समिति की बैठक ही नहीं बुलाई। इसलिए लोकसभा भंग होने के साथ ही प्राक्कलन समिति की ड्राफ्ट रिपोर्ट भी रद्दी की टोकरी के हवाले कर दी जाएगी।

नेताओं के विदाई भाषण के बाद स्थगित होगी संसद

बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद सभी संसदीय दल के नेताओं के विदाई भाषण के बाद संसद स्थगित हो जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सांसदों के सम्मान मे एक दोपहर भोज का आयोजन किया है।

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