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राहुल गांधी के विदेशी दौरे का आज आखिरी दिन, बर्मिंघम में जनसभा को कर सकते हैं संबोधित

Sat, 25 Aug 2018 02:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 25 Aug 2018 02:15 AM IST
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Today is the last day of congress president rahul gandhi foreign tour

राहुल गांधी के चार दिवसीय यूरोप दौरे का आज आखिरी दिन है। इस दौरान माना जा रहा है कि वो इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में सरकारी मंत्रियों और अन्य बड़े राजनेताओं से मिल सकते हैं और भारतीय समुदाय के लोगों की एक सभा को भी संबोधित कर सकते हैं। फिलहाल वो ब्रिटेन में ही हैं और आज वहां उनका दूसरा दिन है।   

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अपने चार दिवसीय यूरोप दौरे के दौरान सबसे पहले राहुल गांधी ने जर्मनी पहुंचे थे, जहां उन्होंने हैम्बर्ग के बुसेरियस समय स्कूल में छात्रों को संबोधित किया। साथ ही राहुल ने यहां अपने पिता को खोने के बाद के अपने दिल के जज्बातों को बयां किया। राहुल गांधी ने यह राज भी खोला कि भारतीय संसद में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले क्यों लगाया था। इसके साथ ही राहुल ने भारत में रोजगार की समस्या, महिला सुरक्षा, दलित मसले और मॉब लिंचिंग पर खुलकर बात की। 
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हैम्बर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी को गले लगाने के सवाल पर राहुल ने कहा, ‘इसके पीछे मूल विचार यह है कि यदि कोई आपसे घृणा करता है, तो यह उसका अंदाज है, लेकिन उसी अंदाज में घृणा से उसका जवाब देना मूर्खता है। उससे किसी समस्या का हल नहीं निकलेगा। आप अपनी भावना कैसे व्यक्त करते हैं उस पर आपका पूरा नियंत्रण होता है।' 
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उन्होंने बताया कि खुद उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों को उनका मोदी से गले मिलना अच्छा नहीं लगा था। राहुल ने हिंसा पर भी बात करते हुए कहा कि मेरे परिवार के दो लोगों, मेरे पिता और दादी की हत्या हुई है। हिंसा से हिंसा को खत्म नहीं किया जा सकता। उससे अहिंसा से ही निपटा जा सकता है।

राहुल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी को सही तरीके से लागू नहीं करने से बेरोजगारी बढ़ी है। जिससे लोगों में गुस्सा पैदा हो रहा है और भीड़ हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री उस पर बात नहीं करना चाहते। चीन हर रोज पचास हजार लोगों को रोजगार देता है, जबकि भारत में रोजाना 400 लोगों को ही रोजगार मिलता है। 

इसके अलावा कार्यक्रम में राहुल ने महिला सुरक्षा, दलित मसले और मॉब लिंचिंग पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ों को अब सरकारी लाभ नहीं मिलता। गरीबों की योजनाओं का पैसा अब महज चंद बड़े कॉरपोरेट को दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत चीन के मुकाबले अमेरिका के ज्यादा करीब है, फिर भी भारत अपने हित में फैसले लेगा। 

लंदन में भी भाजपा और आरएसएस पर राहुल ने बोला हमला 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में मोदी सरकार की विदेश नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने जर्मनी के बाद लंदन में एक कार्यक्रम में चीन से लेकर पाकिस्तान तक केंद्र को आड़े हाथ लिया। भारत-चीन के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर राहुल ने कहा 'यह कोई सीमा विवाद नहीं है बल्कि यह एक रणनीतिक मामला है। मोदी सरकार हर एक चीज को इवेंट की तरह देखती है जबकि मैं एक प्रक्रिया की तरह देखता हूं। यह कोई 'अलग मुद्दा' नहीं था बल्कि एक 'घटनाक्रम का हिस्सा' था और यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सावधान रहकर पूरी प्रक्रिया पर नजर रखते तो भारत इसे रोक सकता था।' 

राहुल गांधी ने कहा, 'आरएसएस की सोच अरब देशों के मुस्लिम संगठन ब्रदरहुड जैसी है। आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। अन्य पार्टियों ने भारत की संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए कभी हमला नहीं किया, लेकिन आरएसएस कर रहा है।' 

आरएसएस का था नोटबंदी का विचार: राहुल 

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी का विचार सीधे आरएसएस से आया था और प्रधानमंत्री के दिमाग में बैठा दिया गया'। उन्होंने कहा, 'अगर आप अपने देश के ढांचे को गहराई से समझते हैं, तो आप संतुलित ताकत का इस्तेमाल करेंगे। आज मैं भारत को अपनी ताकत बढ़ाते नहीं देख पा रहा हूं।'

सरकार 1.3 अरब लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने की कोशिश कर रही

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार 1.3 अरब लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। पीएमओ का विदेश मंत्रालय भी मोनोपॉली है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर राहुल ने कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है। इसी कारण से वह लोगों को वीजा देने में व्यस्त हैं। उनके पास इससे ज्यादा जरूरी और कोई काम नहीं है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ मोदी सरकार की रणनीति में कमी है। भारत तभी तरक्की कर सकता है जब सत्ता का विकेंद्रीकरण हो लेकिन बीते 4 सालों से ऐसा नहीं हो रहा है। सत्ता का केंद्रीकरण किया जा रहा है। 

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