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उपलब्धि: तीन-चौथाई आबादी को मिली सुरक्षा, भारत समेत दुनियाभर में तंबाकू पर शिकंजा; पर ई-सिगरेट नई चुनौती

Wed, 25 Jun 2025 05:48 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/डबलिन
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/डबलिन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 25 Jun 2025 05:48 AM IST
सार

टोबैको एपिडेमिक 2025 शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक आज दुनिया की तीन-चौथाई आबादी कम से कम एक तंबाकू नियंत्रण नीति से संरक्षित है, जो 2007 में केवल एक अरब लोगों तक सीमित थी। फिर भी हर साल तंबाकू से 70 लाख और सेकेंड हैंड स्मोकिंग से 13 लाख मौतें इस लड़ाई की गंभीरता को उजागर करती हैं। 

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Tobacco has been clamped down on all over world including India but e-cigarettes new challenge
ई सिगरेट (सांकेतिक) - फोटो : Freepik

विस्तार

भारत समेत दुनियाभर में तंबाकू पर शिकंजा कसा है लेकिन ई-सिगरेट अब एक नई चुनौती बनकर उभरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नई रिपोर्ट ने दुनियाभर में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए चेताया है कि तंबाकू उद्योग का बढ़ता हस्तक्षेप अब भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

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टोबैको एपिडेमिक 2025 शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक आज दुनिया की तीन-चौथाई आबादी कम से कम एक तंबाकू नियंत्रण नीति से संरक्षित है, जो 2007 में केवल एक अरब लोगों तक सीमित थी। फिर भी हर साल तंबाकू से 70 लाख और सेकेंड हैंड स्मोकिंग से 13 लाख मौतें इस लड़ाई की गंभीरता को उजागर करती हैं। डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू नियंत्रण पर डबलिन में आयोजित विश्व सम्मेलन के दौरान जारी ग्लोबल रिपोर्ट में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय वैश्विक प्रगति के साथ-साथ कई देशों की उदासीनता और तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से पैदा हो रही चुनौतियों की गहराई से चर्चा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार 2007 के बाद से 155 देशों ने डब्ल्यूएचओ के छह एमपावर उपायों में से कम से कम एक को अपनाया है। इनमें तंबाकू के उपयोग पर निगरानी, सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध, धूम्रपान छोड़ने में मदद, चेतावनी लेबल, विज्ञापन प्रतिबंध और कर वृद्धि शामिल हैं। आज 6.1 अरब लोग कम से कम एक नीति से लाभान्वित हो रही है।
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भारत की नीतियों को वैश्विक मान्यता
रिपोर्ट में भारत द्वारा उठाए गए सख्त कदमों की सराहना की गई है। भारत ने सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर तंबाकू विज्ञापन, संवर्धन और प्रायोजन (तापस) पर रोक लगा दी है। 2012 में लागू हुए तंबाकू-मुक्त फिल्म और टीवी नियमों को 2023 में और मजबूत किया गया। अब किसी भी दृश्य माध्यम में तंबाकू दिखाए जाने पर 30 सेकंड का चेतावनी विज्ञापन और स्थिर स्क्रीन चेतावनी अनिवार्य है। डिजिटल प्लेटफॉर्म तक इन नीतियों का विस्तार भारत के प्रतिबद्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण को दर्शाता है। हालांकि रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि बिक्री और प्रायोजन के सभी रूपों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर तापस यानी संवर्धन और प्रयोजन को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

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तंबाकू नियंत्रण में भारत बना वैश्विक रोल मॉडल, मिला ब्लूमबर्ग अवॉर्ड
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एम पावर रणनीति के तहत ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रपीज ग्लोबल टोबैको कंट्रोल अवॉर्ड से भारत को सम्मानित किया गया है। आयरलैंड की राजधानी डबलिन में यह सम्मान भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार पूर्व न्यूयॉर्क मेयर और ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रपीज के संस्थापक माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने दिया। समारोह में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन देशों ने इंडस्ट्री के दबाव के बावजूद साहसी निर्णय लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है।

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