MUDRA: 'भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं', PM मोदी ने अपने आवास पर मुद्रा योजना के लाभार्थियों से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर 'मुद्रा योजना लाभार्थियों' से बातचीत की। योजना के 10 साल पूरे होने के अवसर पर पीएम मोदी ने मुद्रा योजना लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया था। उनका स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी को मेरे आवास पर आने के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जब घर में मेहमान आते हैं तो घर पवित्र हो जाता है, इसलिए मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।'
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मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने के अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों के साथ बातचीत की। पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, 'मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था। उन्होंने इस योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में रोचक जानकारी साझा की।'
Mudra Yojana has given opportunities to countless people to showcase their entrepreneurial skills. Interacted with some of the beneficiaries of the scheme. Their journey is inspiring. #10YearsOfMUDRA https://t.co/QcoIK1VTki
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2025विज्ञापन
'मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला'
उन्होंने लिखा, 'आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है। इस दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है। ऐसे लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया था। यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है!'
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'योजना ने सामाजिक समावेशन और आर्थिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की'
उन्होंने आगे लिखा, 'यह विशेष रूप से उत्साहजनक है कि मुद्रा लाभार्थियों में से आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से हैं और 70% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं! प्रत्येक मुद्रा ऋण अपने साथ सम्मान, आत्म-सम्मान और अवसर लेकर आता है। वित्तीय समावेशन के अलावा इस योजना ने सामाजिक समावेशन और आर्थिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की है।
'मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रहेगा'
उन्होंने यह भी लिखा कि आने वाले समय में हमारी सरकार एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी, जहां हर महत्वाकांक्षी उद्यमी को ऋण तक पहुंच हो, जिससे उसे आत्मविश्वास के साथ और आगे बढ़ने का मौका मिले।
लाभार्थियों ने सुनाई अपनी-अपनी कहानी
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली की एक लाभार्थी ने कहा, '...हम आपसे वादा करते हैं कि हम सब मिलकर भारत को विकसित भारत बनाएंगे। अब हमें सरकार से लाइसेंस लेने में कोई परेशानी नहीं होती...मैं बेकरी चलाती हूं। मेरा मासिक टर्नओवर 2.5 से 3 लाख रुपये है और हमारे पास 7 से 8 लोगों का स्टाफ है।'
- गुजरात के भावनगर से एक लाभार्थी ने कहा, '...मैं आदित्य टेक लैब का संस्थापक हूं, जिसमें मैं 3डी प्रिंटिंग, रिवर्स इंजीनियरिंग और रैपिड प्रोटोटाइपिंग करता हूं और थोड़ा बहुत रोबोटिक्स भी जानता हूं क्योंकि मैं मेकाट्रॉनिक के अंतिम वर्ष का छात्र हूं। मैंने 2 लाख रुपये का मुद्रा लोन लिया है और मैं सोमवार से शुक्रवार तक कॉलेज जाता हूं और फिर सप्ताहांत में मैं भावनगर में अपना काम करता हूं। तो अभी मैं 30,000 से 35,000 रुपये प्रति माह कमा रहा हूं...'
- पूनम कुमारी नाम की एक लाभार्थी ने बताया, 'हम बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं। हम इतनी गरीबी देखी है कि अक्सर हम सिर्फ एक वक्त का ही खाना खा पाते थे, दूसरे वक्त सोचना पड़ता था। मैं पहली बार दिल्ली आई हूं, पहली बार फ्लाइट में बैठी हूं। मैं किसान परिवार से हूं। मैंने अपने पति से बात की और ऋण लेकर कुठ काम शुरू करने को कहा। उन्होंने मेरा साथ दिया और दोस्तों से बात की। फिर में इस योजना का पता चला। फिर हमने आठ लाख ऋण लेकर बीज का काम कर रहे हैं। मैंने 2024 में ही काम शुरू किया है। मैं महीने में 60 हजार रुपये तक कमा रही हूं।'