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Politics: टीएमसी ने पेश किया सुवेंदु के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव; CM ममता पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप
Wed, 11 Jun 2025 12:48 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शुक्ला
Updated Wed, 11 Jun 2025 12:48 AM IST
सार
स्पीकर को सौंपा गया यह प्रस्ताव मीडिया को दिए गए अधिकारी के बयानों के जवाब में था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सीएम ने सदन में अपने भाषण के दौरान, पाकिस्तान की प्रशंसा की थी, और वह भी इतनी वाकपटुता के साथ कि उसके प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी कभी ऐसा नहीं किया।
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सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कोलकाता। टीएमसी विधायकों ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि अधिकारी के खिलाफ शिकायत पर मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, शोवंदेब चट्टोपाध्याय, अरूप विश्वास, इंद्रनील सेन और विधायक निर्मल घोष ने हस्ताक्षर किए हैं तथा महापौर और मंत्री फिरहाद हकीम भी बुधवार को इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
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स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि मुझे प्रस्ताव मिला है, लेकिन मैंने अभी तक इसकी जांच या स्वीकृति नहीं दी है। मैं इसे उचित समय पर पढ़ूंगा और अगर मुझे उचित लगा तो इसे राज्य विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेज दूंगा। अगर मुझे शिकायत निराधार लगी तो मैं इसे अस्वीकार भी कर सकता हूं। बता दें कि स्पीकर को सौंपा गया यह प्रस्ताव मीडिया को दिए गए अधिकारी के बयानों के जवाब में था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सीएम ने सदन में अपने भाषण के दौरान, पाकिस्तान की प्रशंसा की थी, और वह भी इतनी वाकपटुता के साथ कि उसके प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी कभी ऐसा नहीं किया।
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ममता बनर्जी ने केंद्र पर किया था हमला
इस वाकये की शुरुआत तब हुई जब विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमलों के लिए सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पर सदन को संबोधित करते हुए पहलगाम की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा नीत सरकार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वह देश के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है। सीएम बनर्जी ने यह भी कहा कि सैन्य संघर्ष के दौरान भारत के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को फिर से प्राप्त करने का सुनहरा अवसर था, लेकिन वह निर्णायक रूप से कार्रवाई करने में विफल रहा। उन्होंने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर घेरने की भाजपा नीत केंद्र की कूटनीतिक रणनीति की दक्षता पर भी सवाल उठाया।
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इस पर विपक्षी विधायकों ने ममता के बयान का जोरदार विरोध किया। साथ ही 'ऑपरेशन सिंदूर' शब्द को भी प्रस्ताव में शामिल करने की मांग की, जो प्रस्ताव से स्पष्ट रूप से गायब था।
सुवेंदु अधिकारी ने की ये टिप्पणी
इसके बाद विधानसभा से बाहर निकलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने वहां मौजूद पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की तारीफ़ की। वो भी इस तरह जैसे खुद शाहबाज शरीफ भी अपने देश की इतनी तारीफ नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान के लिए लड़ते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का अपमान किया।
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विशेषाधिकार प्रस्ताव पर आगे क्या?
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर एक अधिकारी ने बताया कि अगर स्पीकर ने शिकायत स्वीकार कर ली तो वे शिकायत को विधानसभा के उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी की अध्यक्षता वाली विशेषाधिकार समिति के पास भेज देंगे। इसके बाद समिति अधिकारी को आत्मरक्षा में बोलने के लिए बुला सकती है और यह तय कर सकती है कि उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी सहित तीन अन्य भाजपा विधायकों को इस साल फरवरी में असंसदीय आचरण के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था।
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