BJP: 'चुनाव आयोग के बाहर TMC नेताओं का धरना चुनावी हथकंडा, शाहजहां शेख को बचाने की कोशिश', भाजपा ने लगाया आरोप
BJP: चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी संदेशखली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के धरने को चुनावी हथकंडा करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी संदेशखली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग के प्रमुखों को बदलने की मांग के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे टीएमसी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा, "टीएमसी नेता भारत के संविधान और लोकतंत्र की परवाह नहीं करते हैं। अगर किसी ने संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र का अपमान किया है तो वह टीएमसी है। वे शाहजहां शेख को बचाने के लिए नौटकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेताओं का प्रदर्शन लोकसभा चुनाव में अपनी हार को भांपने को लेकर उनकी हताशा को दिखाता है।"
शाहजहां शेख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी के अधिकारी राशन वितरण घोटाला मामले की जांच के तहत पांच जनवरी को इलाके छापेमारी कर रहे थे, तब उन पर हमला किया गया था। शेख पश्चिम बंगाल के संदेशखली में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों में मुख्य आरोपी है।
टीएमसी का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलने के बाद आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा। उन्होंने आयोग से लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने और विपक्षी दलों और उनके नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयों को रोकने का आग्रह किया।
अरुण सिंह ने टीएमसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से अराजकता है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को केवल शाहजहां शेख को बचाने की चिंता है। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सबसे ज्यादा सियासी हत्याएं बंगाल में हुई हैं। ममता बनर्जी का संविधान में कभी कोई भरोसा नहीं रहा। वह केवल शाहजहां शेख पर भरोसा करती हैं।