West Bengal: ‘यह महज एक राजनीतिक साजिश’, भर्ती घोटाले को लेकर अपने आवास पर ईडी के छापे पर मंत्री रथिन घोष
ईडी ने बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले में गुरुवार को घोष के आवास सहित कोलकाता और उसके आसपास 13 ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान कई नगरपालिका अध्यक्षों और अन्य अधिकारियों के आवासों को खंगाला गया था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले में गुरुवार को राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवास पर घंटों तक छापेमारी की। उसके बाद वापस चले गए। उनके जाने के बाद घोस ने कहा कि यह महज राजनीतिक साजिश है। एक मंत्री के यहां ऐसे छापेमारी करने का असर देखने को मिलेगा।
यह है मामला
ईडी ने बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले में गुरुवार को घोष के आवास सहित कोलकाता और उसके आसपास 13 ठिकानों पर छापे मारे। कार्रवाई में करीब 80 अधिकारी शामिल थे। छापे की कार्रवाई सुबह 6:30 बजे शुरू हुई और दिन भर जारी रही। इस दौरान उत्तर 24 परगना जिले के दमदम, बारानगर, टीटागढ़ और मध्यमग्राम में कई नगरपालिका अध्यक्षों और अन्य अधिकारियों के आवासों को खंगाला गया।
आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच राज्य की विभिन्न नगर पालिकाओं में पैसे के बदले 1,500 लोगों को नौकरी दी गई। ईडी को संदेह है कि कर्मचारियों की भर्ती में 12-14 नगर पालिकाओं में भ्रष्टाचार हुआ है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने सबसे पहले 7 जून को तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, यह मालूम नहीं चल पाया है कि छापेमारी के दौरान रथिन घोष अपने आवास में मौजूद थे या नहीं।
ईडी ने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया
ईडी की गुरुवार को हुई छापेमारी पर रथिन घोष ने कहा कि उन्होंने उनसे पूछताछ नहीं की। साल 2014 से 2017 के बीच हुई भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट ने आदेश दिया था। चूंकि वह उस समय चेयरमैन थे इसलिए ईडी उनके घर पर आई। उन्होंने आगे कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारियों ने वही कहा जो उन्होंने सोचा था। उनके दस्तावेज सत्यापित हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके साथ ईडी ने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।
वहीं, घोष ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक साजिश है और कुछ नहीं। एक मंत्री के घर पर इस तरह से छापा मारा गया इसका असर तो होगा। बता दें, घोष मध्यमग्राम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं और उन पर सरकारी नौकरियों के लिए अयोग्य उम्मीदवारों की भर्ती के लिए कथित घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
दिल्ली में किया था प्रदर्शन
बंगाल के मंत्री पर छापेमारी से कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने दो और तीन अक्तूबर को नई दिल्ली में केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया था। टीएमसी ने अपने कार्यकर्ताओं से कोलकाता में राजभवन तक मार्च करने का भी आह्वान किया। साथ ही भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है।